रूस में तीन दिन से चल रहे संसदीय चुनाव के मतदान रविवार को समाप्त हो गए। मॉस्को टाइम्स व मतदान के गणित के अनुसार सत्तारूढ़ दल यूआर का दुमा (संसद) की 450 सीटों में से एक तिहाई पर कब्जा है। सत्ताधारी पार्टी यूनाइटेड रसिया (यूआर) की जीत पक्की दिख रही है।
रूस में तीन दिन से चल रहे संसदीय चुनाव के मतदान में मुख्य विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी समेत प्रमुख विरोधी दलों को बाहर रखकर मौजूदा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोबारा सत्ता पर काबिज होने की राह पर हैं।
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450 सीटों में से एक तिहाई पर सत्तारूढ़ दल का कब्जा
रविवार को चुनाव के अंतिम और तीसरे दिन सत्ताधारी पार्टी यूनाइटेड रसिया (यूआर) की जीत पक्की दिख रही है। मॉस्को टाइम्स व मतदान के गणित के अनुसार सत्तारूढ़ दल यूआर का दुमा (संसद) की 450 सीटों में से एक तिहाई पर कब्जा है। दावा किया जा रहा है कि पुतिन सिर्फ विपक्षी दलों को ही नहीं, चुनाव लड़ रही 13 और राजनीतिक पार्टियों को कड़ी शिकस्त देंगे। पिछले साल इन्हीं सीटों पर बढ़त के कारण क्रेमलिन ने वो सांविधानिक सुधार किया था जिसके तहत पुतिन वर्ष 2024 के बाद और दो बार यानी 2036 तक देश के राष्ट्रपति रह सकते हैं।
मतदान में गड़बड़ी की शिकायत, चुनाव आयोग ने नकारा
विपक्ष ने सरकार पर चुनावों में अनियमितता का आरोप लगाया है। चुनावों में बैलट से छेड़छाड़ के साथ जबरन वोटिंग का आरोप लगाया है। वहीं आयोग ने सभी शिकायतों को खारिज करते हुए कहा है कि ये विदेशी ताकतों द्वारा आर्थिक मदद पहुंचा रची गई साजिश है। मतदान पर नजर रख रहे समूह गोलोस के अनुसार अब तक मतदान में गड़बड़ी की कुल 2750 शिकायतें मिली हैं। वहीं आयोग के अनुसार 137 मामले सामने आए हैं।