रिपब्लिकन पार्टी के एक सलाहकार ने वेबसाइट एक्सियोस.कॉम से कहा कि जो बाइडन ने वैक्सीन को लेकर जो बहस छेड़ी है, उससे हर रिपब्लिकन नेता खुश है। रिपब्लिकन पार्टी का आकलन है कि इस आदेश के बाद बहुत से वे लोग भी जबरन टीकाकरण के खिलाफ हो गए हैं, जो वैसे वैक्सीन के समर्थक हैं।
बाइडन प्रशासन से जुड़े एक अधिकारी ने इसी वेबसाइट से कहा कि राष्ट्रपति को इस बात का अंदाजा था कि उनके ऐसे आदेश पर कड़ी प्रतिक्रिया होगी। लेकिन आखिरकार उन्होंने सोचा कि अगर इस मामले में किसी ने साहस नहीं दिखाया, तो हम हमेशा महामारी का शिकार बने रहने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस अधिकारी ने दावा किया कि देश के 75 फीसदी लोग टीकाकरण के पक्ष में हैं। राष्ट्रपति उनको ही एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं।
लेकिन गुरुवार को अमेरिका में ट्विटर पर टॉप ट्रेंड आईविलनॉटकॉप्लाय (मैं आदेश नहीं मानूंगा) हैशटैग कर रहा था। इस बीच वाशिंगटन में दक्षिणपंथी गुटों ने ‘जस्टिस फॉर जे-6’ रैली आयोजित की है। इस रैली का मकसद छह जनवरी को कैपिटल हिल पर हुए हमले में शामिल अभियुक्तों को ‘न्याय’ दिलवाना है। जानकारों का कहना है कि वैक्सीन को लेकर भड़की जनभावना से इस रैली में मौजूदगी बढ़ सकती है। इसलिए प्रशासन को अब अधिक सतर्कता बरतनी पड़ेगी।