ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों की तरफ से रविवार को दागी गईं जहाजरोधी दो मिसाइलों को अमेरिका ने नष्ट कर दिया। अमेरिकी सेंट्रल कमान (सेंटकॉम) की तरफ से जारी एक बयान के अनुसार, सिंगापुर के कंटेनर जहाज मार्सक हांजघोउ ने सूचना दी कि शनिवार रात दक्षिणी लाल सागर पार करते समय उस पर मिसाइल हमला हुआ। हूती विद्रोहियों ने कुछ देर बाद चार नौकाओं में सवार होकर उसी जहाज को कब्जे में लेने का प्रयास किया, लेकिन अमेरिकी नौसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए तीन नौकाओं को डुबो दिया। इसमें कई हूती विद्रोही मारे गए।
लगभग डेढ़ महीने में 23वां हमला
19 नवंबर के बाद यह अंतरराष्ट्रीय जहाज मार्ग पर हूती की तरफ से किया गया 23वां हमला था। गत दिनों हूती विद्रोहियों ने भारत आ रहे गैबॉन के तेलवाहक एमवी साईबाबा समेत दो जहाजों पर भी मिसाइल हमले किए थे। सेंटकॉम ने बताया कि सिंगापुर की मदद की अपील पर अमेरिकी पोत यूएसएस ग्रैवेली व यूएसएस लैबून ने जवाबी कार्रवाई की। थोड़ी देर बाद उसी जहाज ने आपातकालीन सूचना दी और बताया कि चार नौकाओं में सवार ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने उस पर हमला कर दिया है। हमलावरों ने जहाज पर करीब 20 मीटर की दूरी छोटे हथियारों से विस्फोटक दागे। जहाज के सुरक्षा दल ने जवाबी कार्रवाई की।
हूती विद्रोहियों की तीन नावों को डुबा दिया, चालक दल की मौत
अमेरिकी हेलीकॉप्टरों ने जहाज से आई आपात कॉल का जवाब दिया और हूती हमलावरों पर जवाबी फायरिंग की। अमेरिकी सेना के विध्वंसक पोत- यूएसएस आइजनहावर (सीवीएन 69) और ग्रेवली (डीडीजी 107) पर तैनात नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने हूती विद्रोहियों की चार छोटी नावों में से तीन को डुबो दिया और चालक दल को मार डाला। हूती विद्रोहियों की चौथी नाव भागने में सफल रही।अमेरिकी सैन्यकर्मियों या उपकरणों को कोई नुकसान नहीं हुआ।
अमेरिकी सेना का बयान
इससे पहले आई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी चॉपर और जहाज को दक्षिणी लाल सागर में निशाना बनाया गया। यूएस सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यमन की राजधानी सना के स्थानीय समय 31 दिसंबर की सुबह अमेरिकी कंटेनर शिप- MAERSK HANGZHOU पर हमला किया गया। ईरान के समर्थन वाली हूती विद्रोहियों की चार छोटी नावों पर हमले किए गए। हूती विद्रोहियों की तरफ से दागे गए गोला-बारूद अमेरिकी जहाज से केवल 20 मीटर दूर गिरे।
हूती विद्रोहियों के हमले नाकाम किए
इससे पहले रविवार को ही लाल सागर में अमेरिका ने हूती विद्रोहियों पर हमला किया। अमेरिकी सेना ने दो एंटी शिप मिसाइलों को तबाह कर दिया है। खबरों के मुताबिक यमन में मौजूद हूती विद्रोहियों ने मिसाइलें लाल सागर में कंटेनर शिप को निशाना बनाकर दागी गईं। यह तीन दिन में दूसरा हमला है, जिसे अमेरिका ने नाकाम कर दिया है।
हमास के समर्थन में कर रहे हमले
हूती विद्रोहियों का कहना है कि लाल सागर से गुजरने वाले ज्यादातर जहाज या तो इस्राइल से संबंधित हैं या इस्राइली बंदरगाहों की तरफ जा रहे हैं। उनका कहना है कि वे इस्राइल की तरफ से गाजा व हमास पर किए जा रहे हमलों को रोकना चाहते हैं।
जहाजों पर हूती हमलों के थमने के फिलहाल आसार नहीं...
पश्चिम एशिया में अमेरिकी नौसेना के शीर्ष कमांडर ब्राड कूपर ने शनिवार को कहा था कि लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर अंधाधुंध हूती हमलों के थमने के आसार फिलहाल नहीं दिख रहे हैं, भले ही समुद्री मार्ग में जहाजों व कारोबारी यातायात की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री मिशन में शामिल हो जाएं।
सुरक्षित है जहाज का चालक दल
सेंटकॉम के अनुसार, विमानवाहक पोत यूएसएस ड्वाइट डी. आइजनहावर व ग्रेवली के हेलिकॉप्टर तत्काल उड़ान भरते हुए संकटग्रस्त जहाज के पास पहुंचे। उन्होंने हमलावरों को मौखिक चेतावनी दी, लेकिन वे हेलिकॉप्टरों की तरफ ही छोटे हथियारों से हमले शुरू कर दिए। अमेरिकी नौसेना के जवानों ने आत्मरक्षा में गोलीबारी की, जिसमें चार में से तीन नौकाएं डूब गईं। उनके चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई। चौथी नौका फरार होने में सफल रही। सिंगापुर के जहाज के चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। बता दें कि अमेरिका ने 10 दिन पहले लाल सागर से 1,200 व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षित निकाला था।