अफगानिस्तान में नाटकीय घटनाक्रम और वहां चीन की बढ़ती भूमिका से चिंतित क्वाड देश 24 सितंबर को आमने-सामने बैठकर संयुक्त रणनीति बनाएंगे। वॉशिंगटन में होने वाली इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी भी हिस्सा लेने जाएंगे, जिसकी जल्द ही औपचारिक घोषणा होगी।
सूत्रों का कहना है, मोदी क्वाड सम्मेलन में शिरकत करने के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इन दोनों ही बैठकों का अहम एजेंडा अफगानिस्तान और उसमें पाकिस्तान व चीन की भूमिका होगा।
दरअसल, अफगानिस्तान में चीन की बढ़ती भूमिका से क्वाड सदस्य देश अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के साझा हित प्रभावित हो रहे हैं। अफगानिस्तान को लेकर चीन, रूस, ईरान और पाकिस्तान एक हो गए हैं। यहां तक कि ड्रैगन ने तो नई तालिबान सरकार को 3.1 करोड़ डॉलर के पैकेज का एलान भी कर दिया है। उसकी तालिबान से बढ़ती नजदीकी के बाद अमेरिका को अलकायदा और आईएस के फिर से मजबूत होने का डर सताने लगा है। वहीं, भारत को कश्मीर में आतंकवाद के नए दौर की शुरुआत होने की आशंका है।
अमेरिका-रूस को अपनी चिंताओं से अवगत करा चुका है भारत
इस बीच, भारत अमेरिका और रूस को अफगानिस्तान को लेकर अपनी चिंताओं से अगवत करा चुका है। इसे लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए प्रमुख और रूसी एनएसए के बीच विस्तृत बातचीत भी हुई है।
जापानी पीएम ने शुरू की तैयारियां
क्योडो न्यूज ने अमेरिकी और जापानी सूत्रों के हवाले से कहा है कि 24 सितंबर को वॉशिंगटन में होने वाली क्वाड बैठक की आखिरी तैयारियां चल रही हैं। जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा ने इसमें हिस्सा लेने की आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी है। निक्केई एशिया ने बताया, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे के खिलाफ साझेदारी मजबूत करने के मकसद से सुगा, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम स्कॉट मॉरिसन फेस टू फेस बैठक करेंगे। सुगा बाइडन के साथ ताइवान जलडमरूमध्य में शांति-स्थिरता को लेकर भी बात करेंगे।