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विरोध: राष्ट्रपति जिनपिंग को करारा जवाब, साई इंग वेन बोलीं- चीन के आगे ताइवान कभी नहीं झुकेगा

Sun, 10 Oct 2021 03:29 PM IST
प्रशांत कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

ताइवान को चीन में मिलाने का सपना देखने वाले ड्रैगन को करारा जवाब मिला है। चीनी राष्ट्रपति के बयान पर करारा जवाब देते हुए ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने कहा कि ताइवान बीजिंग के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और अपने लोकतांत्रिक जीवन की रक्षा करेगा।
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ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन - फोटो : social media
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विस्तार
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ताइवान को चीन में मिलाने वाले राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बयान पर ताइवान की राष्ट्रपति ने करारा जवाब दिया है। ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने कहा कि ताइवान बीजिंग के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और अपने लोकतांत्रिक जीवन की रक्षा करेगा। ताइवान और चीन के पुन: एकीकरण को लेकर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शनिवार को कहा था कि 'ताइवान प्रश्न'  का मुद्दा जल्द ही सुलझाया जाएगा और उसे फिर से चीन में मिलाया जाएगा। 

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ताइवान के राष्ट्रीय दिवस पर रविवार को राष्ट्रपति साई इंग वेन ने अपने भाषण में राजनीतिक यथास्थिति बनाए रखने का आह्वान किया जो चीन के बढ़ते दबाव को दिखाता है। राष्ट्रीय दिवस पर आयोजित परेड में ताइवान की रक्षा क्षमता का प्रदर्शन किया गया और इस दौरान राष्ट्रपति साई इंग वेन ने चीनी सेना के बलप्रयोग को दृढ़ता से खारिज किया।

ताइवान किसी के आगे नहीं झुकेगा
ताइपे के मध्य में प्रेसिडेंशियल ऑफिस बिल्डिंग में आयोजित समारोह के दौरान ताइवान के विभिन्न जातीय समूहों के गायकों ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इस भवन का निर्माण जापानियों ने किया था जिन्होंने द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति तक 500 सालों तक उपनिवेश के तौर पर इस द्वीप पर शासन किया था। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमलोग राजनीतिक यथास्थिति को एकतरफा रूप से बदलने से रोकने के लिए पूरी कोशिश करेंगे।’’ चीन ताइवान को अपना क्षेत्र होने का दावा करता है जबकि यह द्वीप स्वायत्तशासी है।
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चीन के मार्ग पर नहीं चलेगा ताइवान
उन्होंने कहा, ‘‘हम लोग राष्ट्रीय रक्षा को बढ़ावा देते रहेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी ताइवान को चीन द्वार निर्धारित मार्ग पर चलने के लिए मजबूर नहीं करे। हम अपना बचाव करने के लिए दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन करते रहेंगे। इसका कारण यह है कि चीन ने जो रास्ता बनाया है, वह न तो ताइवान के लिए एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक जीवन शैली प्रदान करता है, न ही हमारे 2.3 करोड़ लोगों के लिए संप्रभुता प्रदान करता है।’’

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