पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश को नकदी संकट से उबारने और आर्थिक स्थिरता लाने के लिए पंचवर्षीय योजना शुरू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पिछली गलतियों को सुधारने के लिए आत्म निरीक्षण की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्साह के साथ नई यात्रा शुरू करने की जरूरत है। इसके लिए जल्द ही नई योजना शुरू की जाएगी।
इस्लामाबाद में रेडियो पाकिस्तान ने पीएम शरीफ के हवाले से कहा कि आने वाले कुछ दिनों में पाकिस्तान के लोगों को बिजली की कीमतों में कमी को लेकर अच्छी खबर सुनने को मिलेगी। उन्होंने पाकिस्तान की जर्जर अर्थव्यवस्था को नया जीवन देने, महंगाई और बिजली की कीमतों को कम करने के लिए खून की आखिरी बूंद तक कड़ी मेहनत करने का संकल्प लिया।
प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि महंगाई और बिजली बिल में कमी आने से कृषि और उद्योगों का विकास होगा। साथ निर्यात को बढ़ावा मिलने के साथ ही घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने युवाओं से पढ़ाई, प्रशिक्षण, कौशल पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा। साथ ही अराजकता और धोखा देने वाली ताकतों का शिकार होने से बचने की हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के दुश्मन लगातार युवाओं को गुमराह करने के लिए डिजिटल आतंकवाद के जरिये उनके दिमाग को निशाना बना रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि हम अपने पूर्वजों और पाकिस्तान आंदोलन के अनगिनत गुमनाम नायकों के अपार बलिदानों को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने एक स्वतंत्र देश के लिए कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के लोगों को तब तक नैतिक, राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन देगा जब तक वह अपने अधिकार हासिल नहीं कर लेते।
वहीं पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अपने संदेश में कहा कि हमें मतभेदों को भुलाकर एकता, अखंडता और आर्थिक स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध होकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कानून को कायम रखने और लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही कश्मीर और फलीस्तीन के लोगों के अधिकारों के लिए समर्थन भी दोहराया।
राष्ट्रपति जरदारी ने 104 पाकिस्तानी और विदेशी नागरिकों को पुरस्कार देने की मंजूरी दी। यह पुरस्कार अगले वर्ष 23 मार्च को एक विशेष समारोह में दिये जाएंगे। इसमें पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के संस्थापक, पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को निशान-ए-पाकिस्तान और भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम को देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार हिलाल-ए-इम्तियाज दिया जाएगा।