प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले क्वालकॉम के सीईओ क्रिस्टियानो एमॉन के साथ बैठक की। दोनों के बीच भारत में मौकों को लेकर चर्चा हुई। एमॉन ने भारत में 5जी और डिजिटल इंडिया जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने में रुचि दिखाई। बैठक के बाद उन्होंने कहा, "हमारी बैठक बहुत अच्छी रही। हम भारत में 26 साल रहे हैं और खुशी है कि हम सब कुछ साथ कर रहे हैं। हमारे पास भारत में करीब 12 हजार कर्मचारी हैं। हमारे पास भारत में काफी मौके हैं। खासकर निर्यात के क्षेत्र में। हमने सेमीकंडक्टर पर भी बात की। हमने भारत में एक बेहतर मोबाइल इकोसिस्टम बनाने पर भी बात की।"
उधर पीएम की दूसरी बैठक एडोबी के सीईओ शांतनु नारायण से हुई। उन्होंने बैठक के लिए पहुंचते ही पीएम का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। बता दें कि शांतनु नारायण भारतीय मूल के हैं। नारायण ने मोदी के साथ बैठक के बाद कहा, "भारत को आगे बढ़ाने की उनकी दूरदृष्टि के बारे में सुनना हमेशा से बेहतरीन रहा है। जिन मुद्दों पर हमने बात की, उनमें नवाचार में निवेश शामिल था।
उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा है कि तकनीक ही चीजों को आगे ले जा सकती है।" नारायण ने भारत की नई शिक्षा नीति पर कहा, "हमारे लिए सबसे बड़ी संपत्ति हमारे लोग हैं। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कुछ अच्छा होता है, तो एडोबी में वैसे भी डिजिटल शिक्षा मदद करती है। हम शिक्षा में रुचि को बढ़ावा देते हैं।"
प्रधानमंत्री मोदी ने तीसरी बैठक फर्स्ट सोलर के सीईओ मार्क विडमर के साथ की। इसमें विडमर ने भारत की पीएलआई स्कीम के इस्तेमाल के जरिए भारत में सोलर पावर उपकरण के उत्पादन की योजना साझा की। साथ ही भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में शामिल करने पर प्रतिबद्धता जताई।
विडमर ने मोदी के साथ बैठक के बाद कहा, "मुझे लगता है कि भारत ने जो कुछ किया है, पूरी दुनिया उससे सीख सकती है। इससे हमारे लंबी अवधि के जलवायु परिवर्तन को रोकने लक्ष्य परेशानी नहीं खड़ी करेंगे।"
विडमर ने आगे कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नेतृत्व से उद्योग नीति और व्यापार नीति के बीच जो मजबूत संतुलन बनाया है, यह फर्स्ट सोलर जैसी कंपनियों के लिए उत्पादन का उपयुक्त मौका पैदा करता है। उनकी घरेलू क्षमता को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता और जलवायु को लेकर तय किए लंबी अवधि के लक्ष्य भारत में उत्पादन के मौके तलाश रही किसी भी कंपनी के लिए बेहतरीन साबित हो सकते हैं।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वॉशिंगटन में जनरल एटॉमिक्स के सीईओ विवेक लाल से भी मुलाकात की। दोनों के बीच रक्षा उत्पादन को बढ़ाने और वैश्विक सहयोग बढ़ाने को लेकर अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, "पीएम ने उभरती तकनीक और भारत में क्षमता बढ़ाने पर भी बातचीत की।" लाल ने बैठक के बाद कहा, "यह एक शानदार मुलाकात रही। हमने भारत में आ रही तकनीक से लेकर नीति सुधारों पर उभरे विश्वास पर चर्चा की और निवेश के परिप्रेक्ष्य से भारत की क्षमता पर भी बात की।"
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने जो नीतियां और सुधार लागू किए हैं वे तारीफ के पात्र हैं। मुझे लगता है कि यह भारत में काफी रुचि पैदा करने के साथ निवेश भी लाएगा।" लाल ने आगे कहा, "कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हमारे सहयोग पर चर्चा जारी है। मुझे लगता है कि अमेरिकी कंपनियां और अमेरिकी कंपनियों में मेरे साथी भारत को काफी भरोसेमंद गंतव्य की तरह देखते हैं।"
पीएम की आखिरी बैठक ब्लैकस्टोन के चेयरमैन स्टीफन श्वार्जमैन के साथ हुई। रिपब्लिकन पार्टी के नेता ने कहा, "भारत ब्लैकस्टोन के निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ मार्केट रहा है। यह दुनिया का सबसे तेजी से उभरने वाला देश है। इसिए हम भारत को लेकर काफी सकारात्मक हैं।" उन्होंने आगे कहा, "यह बाहरी लोगों के लिए काफी दोस्ताना सरकार है। यह लोग सुधार उन्मुख और निष्पक्ष है। मैं उन्हें निवेश लाने वालों और नौकरी पैदा करने वालों के लिए अच्छा साझेदार बनने के लिए काफी उच्च स्थान देना चाहूंगा।"
मोदी से मिलने के बाद जनरल एटॉमिक्स के सीईओ विवेक लाल ने कहा, "यह एक शानदार मुलाकात रही। हमने भारत में आ रही तकनीक से लेकर नीति सुधारों पर उभरे विश्वास पर चर्चा की और निवेश के परिप्रेक्ष्य से भारत की क्षमता पर भी बात की।" उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री और उनकी सरकार ने जो नीतियां और सुधार लागू किए हैं वे तारीफ के पात्र हैं। मुझे लगता है कि यह भारत में काफी रुचि पैदा करने के साथ निवेश भी लाएगा।" लाल ने आगे कहा, "कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां हमारे सहयोग पर चर्चा जारी है। मुझे लगता है कि अमेरिकी कंपनियां और अमेरिकी कंपनियों में मेरे साथी भारत को काफी भरोसेमंद गंतव्य की तरह देखते हैं।"