पाकिस्तान के पीएम इमरान खान का कहना है कि उनके देश में अफगानिस्तान से आने वाले अधिकांश शरणार्थी तालिबान से सहानुभूति रखते हैं। रोजाना सीमा पर आने-जाने वाले 30 हजार लोगों में से कौन आतंकी गुट का समर्थन करता है, यह पता लगाने का कोई तरीका नहीं है।
इस्लामाबाद में अफगानी पत्रकारों से बात करते हुए इमरान ने कहा, फिलहाल पाकिस्तान में 30 लाख अफगानी शरणार्थी रहते हैं, जिनमें लगभग सभी पश्तून हैं। 25 से 30 हजार लोगों का हर दिन पाक-अफगानिस्तान सीमा पर आना-जाना रहता है। ऐसे में हम कैसे पड़ताल करें कि कौन तालिबान के समर्थन में लड़ने जा रहा है। इमरान ने कहा कि तालिबानी कार्रवाई के लिए पाक कभी जिम्मेदार नहीं रहा। वह जिन भी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है, उनका हमसे कोई वास्ता नहीं है।
अफगानिस्तान में शांति स्थापना में दे रहे योगदान : भारत
संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने कहा है कि वह अफगानिस्तान में शाांति स्थापना के लिए पूरा योगदान कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत सदैव शांति, सुरक्षा और रक्षा के प्रति अडिग है। उन्होंने कहा कि शांति व रक्षा को समर्थन दिया जाता है तो राष्ट्र निर्माण की गतिविधियां मजबूत होंगी।
अफगानिस्तान के 200 नागरिकों को लेकर अमेरिका पहुंचा बचाव विमान
वॉशिंगटन। अफगानिस्तान में अमेरिकी लोगों के साथ काम करने वाले अफगानी दुभाषियों समेत 221 लोगों को लेकर पहला विमान वॉशिंगटन के डलास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार की सुबह उतरा। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उनके अमेरिका आगमन का स्वागत किया। इस बात की आशंका थी कि तालिबान उनसे प्रतिशोध ले सकता है।