पाकिस्तान में फिर एक मंदिर को तोड़े जाने की आशंका है, जिससे हिंदु अल्पसंख्यकों में रोष है। वाल्मीकि का ये मंदिर रावलपिंडी में है। सेना मंदिर को तोड़कर बैरक बनाना चाहती है। हालांकि स्थानीय हिंदु समुदाय इसका विरोध कर रहा है।
सन् 1935 में बना महर्षि वाल्मीकि का मंदिर रावलपिंडी मे रह रहे हिंदुओं की आस्था और धार्मिक क्रियाकलापों का एकमात्र केंद्र है।
रावालपिंडी पाकिस्तानी सेना का हेडक्वार्टर है और मंदिर अधिक सुरक्षा वाले क्षेत्र में र्है। मंदिर के चारों ओर फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गनाइजेशन (एफडब्ल्यूओ) के दफ्तर और आवास बने हुए हैं।