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पाक वैज्ञानिक की रिहाई चाहता था आईएस

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अमरीकी अखबार ग्लोबल पोस्ट के मुताबिक़ चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अमरीकी पत्रकार जेम्स फॉली की रिहाई के बदले फिरौती के साथ-साथ पाकिस्तानी नागरिक डॉक्टर आफिया सिद्दीक़ी की रिहाई की मांग भी की थी।
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ग्लोबल पोस्ट ने जेम्स फॉली के परिवार की इजाजत से फिरौती के लिए उनके माता-पिता को इस्लामिक स्टेट की ओर से 12 अगस्त को भेजे गए अंतिम ईमेल को प्रकाशित किया है।

इसमें इस्लामिक स्टेट ने जेम्स फॉली के बदले अमरीका में कैद पाकिस्तानी नागरिक डॉक्टर आफ़िया सिद्दीक़ी और अन्य मुसलमान कैदियों की रिहाई की मांग की गई है।
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अल-क़ायदा से संबंध के आरोप

आफ़िया सिद्दीक़ी एक न्यूरोसाइंटिस्ट हैं, जिन्होंने अमरीका के मैसाच्यूसेट इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की है। ऐसा कहा जाता है कि पाकिस्तान लौटने से पहले उन्होंने 9/11 के हमले का मास्टर माइंड माने जाने वाले ख़ालिद शेख मोहम्मद के एक रिश्तेदार से शादी कर ली थी।

अमरीका उन पर अल-क़ायदा से भी संबंध रखने के आरोप लगाता है।

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रिहाई के अवसर

स्लामिक स्टेट ने इस ईमेल में लिखा था, "आपको फ़िरौती की जगह क़ैदियों की रिहाई के कई अवसर दिए गए, जिसे कई दूसरी सरकारों ने मान लिया। हमने आपसे मुस्लिम क़ैदियों ख़ासकर डॉक्टर आफ़िया सिद्दीक़ी को रिहा करने को कहा है। लेकिन बहुत जल्द ही आपने यह साबित कर दिया कि आपकी इसमें रुचि नहीं है"।

अफगानिस्तान में अमरीकी कर्मचारियों की हत्या के प्रयास में आफ़िया को 2010 में अमरीका में 86 साल की सजा सुनाई गई थी। जेम्स फॉली को नवंबर 2012 में अग़वा कर लिया गया था।

इस्लामिक स्टेट ने इस हफ्ते के शुरू में उनका सिर कलम करने वाला क्लिक करें वीडियो जारी किया है। अमरीका ने फॉली की हत्या की जांच शुरू कर दी है। इस बीच अमरीका के रक्षा मंत्री चक हेगल ने कहा कि अमरीका हाल के दिनों में जिन खतरों का सामना कर रहा है, इस्लामिक स्टेट उनमें सबसे बड़ा है।

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