पाकिस्तान के चरमपंथ प्रभावित स्वात जिले में एक महिला हिना मुनव्वर को पहली बार फ्रंटियर कांस्टेबुलरी में जिलाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। हिना मुनव्वर कहती हैं कि एक महिला के रूप में, उन्हें अपनी ड्यूटी को पूरी करने में कोई कठिनाई नहीं दिखती है। चाहे उन्हें फील्ड में जाना हो या ऑफिस में काम करना हो।
उन्होंने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की कोशिश के साथ स्वात में फ्रंटियर कांस्टेबुलरी के सैनिकों के कल्याण के लिए कुछ बेहतर करेंगी। उनके अनुसार, सुरक्षा प्रतिष्ठान को और बेहतर बनाना और अनुशासन बनाए रखना उनकी प्राथमिकताओं में होगा।
एक सवाल के जवाब में, हिना मुनव्वर ने कहा कि पाकिस्तान चरमपंथ से बुरी तरह प्रभावित था और स्वात में स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है और उम्मीद है कि आगे भी सुधार होगा।
हिना शादीशुदा हैं और एक बच्ची की मां हैं। उन्होंने कहा कि उनके पेशे की अपनी जरूरतें हैं। इनके साथ अपने घर और परिवार को संतुलित करना है ताकि कोई भी प्रभावित न हो और इसे संतुलित करना एक चुनौती है।
फ्रंटियर कांस्टेबुलरी में डिप्टी कमांडेंट और पुलिस में अतिरिक्त महानिरीक्षक रहे सेवानिवृत्त अधिकारी रहमत खान वजीर ने बीबीसी को बताया कि फ्रंटियर कांस्टेबुलरी एक पारंपरिक पुलिस बल रहा है, जिसका मुख्य काम कबीलों और शरणार्थी बस्तियों के बीच की सीमा की निगरानी करना था लेकिन अब बड़े बदलाव किए जा रहे हैं।
खान ने कहा कि फ्रंटियर कांस्टेबुलरी में महिलाओं के शीर्ष पदों पर आने से इसकी कार्यशैली में सुधार हो होने की उम्मीद है। उनके अनुसार, महिलाएं कार्मिक रिकॉर्ड और वेतन रिकॉर्ड के अलावा फ्रंटियर कांस्टेबुलरी में कार्यालयी कार्यों को बेहतर तरीके से कर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि एफसी में कोई महिला सिपाही नहीं है, लेकिन अब महिला अधिकारी बड़ी संख्या में आ रही हैं और चूंकि पुलिस की ड्यूटी है, इसलिए आपात स्थिति में महिलाओं को भारी जिम्मेदारियों को निभाना पड़ता है।
पिछले कुछ समय से स्वात सहित खैबर पख्तूनख्वा के अधिकांश जिले चरमपंथी घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित रहे हैं। चरमपंथ के खिलाफ युद्ध के दौरान, नागरिकों और अन्य सैन्य कर्मियों और अधिकारियों को निशाना बनाया गया। चार फ्रंटियर कांस्टेबुलरी पुलिस अधिकारियों सहित कुल 360 जवानों को निशाना बनाया गया।
फ्रंटियर कांस्टेबुलरी की स्थापना 1915 में बॉर्डर मिलिटरी पुलिस और समाना राइफल्स के एकीकरण के साथ की गई थी। अंग्रेजों के समय इन बलों का काम सीमा की रक्षा करना था। इस बल को मूल रूप से खैबर पख्तूनख्वा की सीमा से लगे कबाइली इलाकों की रक्षा के लिए बनाया गया था, लेकिन इन्हें पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया गया है।