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पाकिस्तान: आदतन दुष्कर्मियों को नपुंसक बनाने की सजा का प्रावधान बिल से हटाया, शरिया का दिया हवाला

Fri, 19 Nov 2021 09:41 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाक संसद में बिल पेश किए जाने के बाद बिल्कुल आखिरी वक्त पर विवादित क्लॉज को हटा लिया गया। 
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पाक संसद (फाइल) - फोटो : social media
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विस्तार
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कट्टरपंथियों के दबाव में पाकिस्तान सरकार ने नए दुष्कर्म विरोधी कानून में से आदतन दुष्कर्मियों को नपुंसक बनाने की सजा का प्रावधान हटा दिया है। इमरान सरकार में कानून मंत्री फरोग नसीम ने यह जानकारी दी। बुधवार को यह बिल संसद में पास हुआ था। खबरें थीं कि पाकिस्तान संसद ने कट्टरपंथियों के विरोध के बावजूद आदतन दुष्कर्मियों को नपुंसक बनाए जाने की सजा का प्रावधान वाला बिल पास कर दिया है। 

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कानून मंत्री ने किया खुलासा
कानून मंत्री नसीम फरोग ने पत्रकार आदिल वराइच के यूट्यूब चैनल पर एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया। इसमें नपुंसक बनाए जाने के विवादित क्लॉज पर उन्होंने कहा कि संसद में बिल पेश किए जाने के बाद बिल्कुल आखिरी वक्त पर हमने यह बदलाव किया। इसके बाद बिल पास कर दिया गया। हमने नपुंसक बनाने वाला क्लॉज इसलिए हटाया क्योंकि काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी ने हमें इसका सुझाव दिया था। हमारा संविधान कहता है कि पाकिस्तान में जो भी कानून बनेगा वो कुरान, सुन्नत और शरियत के खिलाफ नहीं होगा।  


एक साल बाद संसद में विधेयक को मंजूरी 
इमरान खान की कैबिनेट से अध्यादेश को मंजूरी और राष्ट्रपति आरिफ अल्वी द्वारा इस पर मुहर लगाने के लगभग एक साल बाद संसद में यह विधेयक पारित हुआ है। आपराधिक कानून (संशोधन) विधेयक 2021 विधेयक को बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र में 33 अन्य विधेयकों के साथ पारित कर दिया गया।  

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विधेयक में कहा गया था कि इस कानून के तहत दोषियों को दवा देकर नपुंसक बनाया जाएगा। इस कानून में ये भी प्रावधान है कि घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के छह घंटे के अंदर पीड़िता की जांच होगी।

विपक्षी सांसद ने शरिया के खिलाफ करार दिया था
जमात-ए-इस्लामी के सांसद मुश्ताक अहमद ने बिल का विरोध किया और इसे गैर-इस्लामी और शरिया के खिलाफ करार दिया था। उन्होंने कहा कि एक दुष्कर्मी को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी चाहिए, लेकिन शरिया में नपुंसक बनाए जाने का कोई जिक्र नहीं है।  

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