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Pakistan: शहबाज शरीफ सरकार का बड़ा एलान, घाटे में चल रहे संस्थानों-विभागों को खत्म करने का एलान

Sat, 15 Jun 2024 11:35 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

शरीफ ने राष्ट्र के नाम एक टेलीविज़न संबोधन में कहा, 'हमने एक पाँच वर्षीय योजना बनाई है और उन मंत्रालयों को बंद करने का फैसला किया है जो वर्षों से अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बचाए गए धन का उपयोग हमारे ऋणों को चुकाने के लिए किया जाएगा।' 
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पाकिस्तान का झंडा - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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शनिवार को पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान में यूएन के स्थायी मिशन पर साइबर हमला किया गया है। साइबर हमले में यूएस मिशन के आधिकारिक ईमेल अकाउंट और यूट्यूब चैनल को निशाना बनाया गया है। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, साइबर हमला शुक्रवार को अमेरिकी समयनुसार शाम करीब चार बजे हुआ। 
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रिपोर्ट में कहा गया कि साइबर हमले का लक्ष्य स्थायी मिशन की सूचना शाखा द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली ईमेल आईडी थी। मिशन के यूट्यूब चैनल में भी सेंध लगाई गई और हमलावरों ने उसका नाम, बैनर और कंटेंट बदल दिया। पाकिस्तानी यूएन मिशन ने अपील की है कि जब तक वे अपने अकाउंट पर वापस नियंत्रण स्थापित नहीं कर लेते , तब तक उनके चैनलों पर डाले गए सभी ईमेल और वीडियो को नजरअंदाज करें। अभी तक किसी भी समूह ने साइबर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
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पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के शासन के 100 दिन पूरे हो गए हैं। शनिवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने करदाताओं के रुपये को बचाने के लिए सभी घाटे में चल रहे संस्थानों, मंत्रालयों और विभागों को समाप्त करने की घोषणा की, ताकि नकदी की कमी से जूझ रहे देश को आर्थिक समृद्धि की राह पर लाया जा सके। शरीफ ने राष्ट्र के नाम एक टेलीविज़न संबोधन में कहा, 'हमने एक पाँच वर्षीय योजना बनाई है और उन मंत्रालयों को बंद करने का फैसला किया है जो वर्षों से अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं। बचाए गए धन का उपयोग हमारे ऋणों को चुकाने के लिए किया जाएगा।' 8 फरवरी को विवादास्पद चुनावों के बाद सत्ता संभालने के बाद से उनका यह पहला संबोधन था।

शरीफ बोले- आगे का रास्ता लंबा और कठिन
शरीफ ने पांच अन्य दलों के साथ गठबंधन बनाने और जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की राजनीतिक वापसी की संभावनाओं को विफल करने के बाद 4 मार्च को शपथ ली थी। उन्होंने यह भी कहा कि 'इन भ्रष्ट संस्थाओं को खत्म करना उनका "कर्तव्य" है और कहा कि इसके लिए एक समिति गठित की गई है। शरीफ ने कहा कि सरकार जहां भी संभव हो खर्च बचाएगी और अधिक उद्योग नहीं लगाएगी या उन्हें चलाने में शामिल नहीं होगी। इसके बजाय, हम निजी क्षेत्र के साथ काम करेंगे।' उन्होंने चेतावनी दी कि आगे का रास्ता न केवल लंबा और कठिन है, बल्कि सरकारी कर्मियों और वेतनभोगी वर्ग दोनों से बलिदान की मांग करता है, लेकिन सरकार बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।' 

शरीफ ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां
शरीफ ने दावा किया कि 'उनकी सरकार के शपथ लेने के बाद, मुद्रास्फीति 38 प्रतिशत से घटकर 12 प्रतिशत हो गई और ऋण पर ब्याज दरें पिछले 22 प्रतिशत से घटकर 20.5 प्रतिशत हो गईं। कुछ महीनों में, यह फल देगा, और मैं आपको परिणाम बताऊंगा। अकेले इस कदम से लाखों रुपये की बचत होगी। ईश्वर की इच्छा से, डेढ़ महीने के भीतर, आप सभी के साथ साझा करने के लिए सकारात्मक परिणाम होंगे।' प्रधानमंत्री ने चीन की अपनी हालिया यात्रा को भी याद किया जहां 'लाखों डॉलर के सौदे किए गए हैं' और यूएई 'जहां लाखों डॉलर का वादा किया गया था।' उन्होंने सरकार के तीन महीने से थोड़े अधिक समय के कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाया, जिसमें संघीय राजस्व बोर्ड (एफबीआर) का 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण शामिल है, ताकि इसकी कार्यकुशलता में सुधार हो सके।

इससे पहले दिन में सरकार ने बिजली और पेट्रोल की कीमतों में कटौती की थी। उन्होंने कहा कि उद्योगों की बिजली की कीमतों में 10 रुपये प्रति यूनिट से अधिक की कमी की गई है, जिससे उद्योगों पर कुल 200 अरब रुपये का संचयी प्रभाव पड़ा है, जिससे औद्योगिक उत्पादन अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बन गया है। शरीफ ने यह भी उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ पाकिस्तान की मौजूदा भागीदारी आखिरी होगी और कहा, 'इंशाअल्लाह, हम अपने पैरों पर खड़े होंगे और आर्थिक गतिविधियों में अपने पड़ोसी देशों से आगे निकल जाएंगे।' शरीफ ने अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दे के साथ-साथ गाजा की स्थिति का भी जिक्र किया।
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