रिपोर्ट्स के अनुसार, 162 प्रदर्शनकारियों को अदियाला जेल भेज दिया गया है और बाकी प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में बंद हैं। बलोच यकजहेती कमेटी ने बलोच नरसंहार और न्यायिक हिरासत में मौतों और अपहरण के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही है।
बलोच नरसंहार के खिलाफ निकाले जा रहे लॉन्ग मार्च पर इस्लामाबाद पुलिस ने बर्बरता की और बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में ले लिया। अब हिरासत में ली गईं महिला प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है। हिरासत में ली गईं महिलाओं का दावा है कि हिरासत में उनका अपमान किया गया और उन्हें प्रताड़ित किया गया। लॉन्ग मार्च का आयोजन कर रही बलोच यकजहेती कमेटी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर महिलाओं की आपबीती के बारे में बताया और इस्लामाबाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
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मार्च पर पुलिस की बर्बरता
बता दें कि बलोचों का मार्च इस्लामाबाद पहुंचा था लेकिन इस्लामाबाद पुलिस इस शांतिपूर्ण मार्च से डर गई। पुलिस ने मार्च पर लाठीचार्ज की और महिलाओं, बुजुर्गों और मार्च में शामिल बच्चों को भी नहीं बख्शा। इसके बाद बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लिया गया था। महिला प्रदर्शनकारियों की रिहाई के बावजूद 200 से ज्यादा बलोच पुरुष प्रदर्शनकारी पुलिस हिरासत में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 162 प्रदर्शनकारियों को अदियाला जेल भेज दिया गया है और बाकी प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में बंद हैं। बलोच यकजहेती कमेटी ने बलोच नरसंहार और न्यायिक हिरासत में मौतों और अपहरण के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की बात कही है।
क्यों मार्च निकाल रहे ब्लूचिस्तान के लोग
बता दें कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का एक राज्य है लेकिन यहां के लोग अपनी पहचान पाकिस्तान से अलग मानते हैं। अंग्रेजी शासनकाल के दौरान बलूचिस्तान में चार राज्य थे, जिनमें से तीन का पाकिस्तान में विलय हो गया लेकिन कलात राज्य ने 1947 में ही खुद को आजाद घोषित कर दिया था, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने यहां हमला बोलकर जबरन कलात पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद बलूचिस्तान में विरोध के सुर उठते रहते हैं और पाकिस्तान सेना अपनी दमनकारी नीति से उन्हें दबाने की कोशिश करती है। यही वजह है कि बलूचिस्तान में लोगों के लापता होने और पुलिस हिरासत में उनकी मौत की खबरें आम हैं।
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बीते नवंबर में भी मोला बख्श नाम के एक शख्स की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी, जिसके बाद बलूचिस्तान के लोगों में गुस्सा है। बलोच यकजेहती कमेटी के आह्वान पर बलोच लोगों ने बीते दिनों बलूचिस्तान से इस्लामाबाद के लिए लॉन्ग मार्च का एलान किया था। यह मार्च बलूचिस्तान और पंजाब के कई जिलों से होता हुआ इस्लामाबाद पहुंचा है।