पाकिस्तानी उर्दू समाचार नेटवर्क समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, टीएलपी को अगला आम चुनाव लड़ने की अनुमति दे दी गई है। उसे आश्वासन दिया गया है कि सरकार समूह पर से प्रतिबंध हटा लेगी।
पाकिस्तान की इमरान सरकार ने प्रतिबंधित इस्लामी समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के साथ कई हफ्तों की झड़पों के बाद घुटने टेक दिए हैं। बताया जा रहा है कि इमरान सरकार टीएलपी को चुनाव लड़ने की अनुमति दे सकती है। पाक सरकार का यह फैसला टीएलपी को एक ‘ प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन’ के रूप में वर्गीकृत किए जाने के एक सप्ताह से भी कम समय बाद आया है।
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रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक संचालन समिति समझौते को अंजाम देगी। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने सरकार और प्रतिबंधित मुस्लिम संगठन के बीच समझौते को ‘आत्मसमर्पण’ करार दिया है और इस समझौते को सार्वजनिक करने की मांग की है।
हाल ही में हुआ है सरकार से समझौता
प्रतिबंधित समूह द्वारा कई हफ्तों के विरोध के बाद सरकार ने हाल ही में टीएलपी के साथ एक समझौता किया। डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक करीब सरकार-टीएलपी सौदे को सार्वजनिक करने की मांग तीन अलग-अलग पीपीपी सीनेटरों की ओर से उनके अलग-अलग बयानों के माध्यम से आई थी। इसके एक दिन बाद सरकार की ओर से बातचीत करने वाली टीम के सदस्यों ने घोषणा की कि वे टीएलपी के साथ एक ‘समझौते’पर पहुंच गए हैं। हालांकि, बयान में इससे ज्यादा ब्योरा नहीं दिया गया।
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विपक्ष ने समझौते पर उठाए सवाल
समझौते को गुप्त रखने के पीछे तर्क पर पीपीपी नेताओं ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के लोगों और उनके चुने हुए प्रतिनिधियों को विवरण जानने का पूरा अधिकार है। उन्होंने रात के अंधेरे में समझौते के मसौदे को सामने लाने की मांग की जिस पर रात के अंधेरे में हस्ताक्षर किए गए थे।