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लाहौर: झुकी पाकिस्तान सरकार, तहरीके लब्बैक के 350 कार्यकर्ताओं को छोड़ा, दो दिन की दी थी चेतावनी

Mon, 25 Oct 2021 09:20 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, लाहौर

सार

प्रतिबंधित संगठन ने अपने प्रमुख साद रिजवी को छोड़ने और फ्रांस के राजदूत को निकालने के लिए इमरान सरकार को दो दिन का वक्त दिया था। 
 
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Sheikh Rashid Ahmad - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान की इमरान सरकार ने सोमवार को प्रतिबंधित संगठन तहरीके लब्बैक (TLP) के आगे हथियार डाल दिए। संगठन के 350 कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया। विपक्ष ने इसे टीएलपी की मांग के आगे सरकार का पूर्ण सरेंडर करार दिया है। 

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पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री शेख राशिद ने आतंकियों की रिहाई की घोषणा की। इससे पहले कट्टरपंथी इस्लामी संगठन टीएलपी ने इमरान सरकार को पार्टी प्रमुख साद रिजवी को रिहा करने और फ्रांस के राजदूत को देश से निष्कासित करने के लिए दो दिन की मोहलत दी थी। 

इमरान सरकार के इस कदम को विपक्षी दलों ने टीएपी की मांगों के आगे पूर्ण समर्पण करार दिया है। मंत्री राशिद ने ट्वीट कर कहा कि हमने 350 वर्करों को रिहा कर दिया है और अब हम मुरिदक में दोनों ओर की सड़क खोले जाने का इंतजार कर रहे हैं। 
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पंजाब प्रांत के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमवार को लाहौर के विभिन्न पुलिस थानों से टीएलपी के 350 कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया। उन्हें पिछले सप्ताह प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किया गया था। राशिद ने कहा कि हमने उनके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया है और न ही कोर्ट के समक्ष पेश किया है। 

10 हजार से ज्यादा लोगों ने जीटी रोड पर डाल रखा है डेरा
उधर, 10 हजार से ज्यादा टीएलपी कार्यकर्ताओं ने लाहौर में जीटी रोड पर मुरिदक व गुजरांवाला के बीच डेरा डाल रखा है। इससे सत्तारूढ़ तहरीके इंसाफ पार्टी की सरकार मुश्किल में फंसी हुई है। टीएलपी ने अपने प्रमुख रिजवी की रिहाई व इस्लामाबाद स्थित फ्रांसीसी राजदूत को निकालने के लिए दो दिन का वक्त दिया है। 

टीएलपी के संस्थापक स्व. खादिम रिजवी के बेटे साद हुसैन रिजवी को पंजाब सरकार गत 1 अप्रैल से हिरासत में ले रखा है। रिजवी को मेंटेनेंस आफ पब्लिक आर्डर के तहत पकड़ा गया है। रिजवी ने फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद को लेकर बनाए गए कैरिकेचर के प्रकाशन के खिलाफ लाहौर में प्रदर्शन किया था। इसके बाद टीएलपी ने पाक सरकार के आश्वासन पर विरोध प्रदर्शन खत्म कर दिया था कि वह नेशनल असेंबली में प्रस्ताव लाएगी, जिसके जरिए फ्रांस के राजदूत को देश से निकाला जा सकेगा। 

मंत्री राशिद ने कहा कि प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद की ओर रुख नहीं करने पर मान गए हैं और वे बुधवार तक मुरदिक व गुजरांवाला के बीच ही जीटी रोड पर डेरा डाले रहेंगे। उन्होंने कहा कि टीएलपी ने मंगलवार तक का वक्त दिया है। पीएम इमरान खान के सउदी अरब से मंगलवार को लौटने के बाद टीएलपी की मांगें उनके समक्ष रखी जाएंगी। टीएलपी की बाकी मांगों में रिजवी की रिहाई व फ्रांस के राजदूत का निष्कासन शामिल है। इन मांगों को मानने के बाद ही टीएलपी ने विरोध मार्च खत्म करने की बात कही है। 

सफल रही सरकार-टीएलपी वार्ता : गृहमंत्री
गृहमंत्री शेख राशिद ने कहा है कि सरकार व टीएलपी के बीच वार्ता सफल रही। उन्होंने कहा, टीएलपी सदस्य (इस्लामाबाद की ओर) आगे नहीं बढ़ेंगे और मंगलवार तक मुरीदके में रहेंगे। कट्टरपंथियों के दबाव में आए गृहमंत्री ने कहा, हम टीएलपी सदस्यों के खिलाफ दर्ज मामले बुधवार तक वापस ले लेंगे। उधर, टीएलपी नेता ने दावा किया कि गृहमंत्री ने पीएम इमरान खान की सऊदी से देश वापसी तक का समय मांगा है। 

इमरान को कट्टरपंथियों की धमकी, रिजवी की रिहाई तक जारी रहेगा प्रदर्शन
कट्टरपंथी इस्लामी समूह टीएलपी ने इमरान सरकार को धमकी दी है कि उसके कार्यकर्ता लाहौर शहर के पास मुरीदके में धरना देंगे और फिर मंगलवार शाम तक इस्लामाबाद की ओर बढ़ जाएंगे। समूह की नेतृत्व परिषद ने कहा कि सरकार तीन बार अपने वादे से मुकर चुकी है। इस बीच, टीएलपी कार्यकर्ता पूरे देश में सड़कों पर उतरकर अपने प्रमुख हाफिज साद हुसैन रिजवी की रिहाई के लिए दबाव बनाने में जुटे हैं।

बयान के मुताबिक, कार्यकर्ता तब तक घर नहीं लौटेंगे जब तक कि रिजवी सहित टीएलपी का पूरा नेतृत्व बाहर नहीं आ जाता और कोई घोषणा नहीं कर देता। इसमें कहा गया है कि अगर परिषद का कोई सदस्य साद रिजवी की रिहाई के बिना घर जाने को कहे, तो आप उस नेता को भी गोली मार सकते हैं। बता दें कि साद रिजवी को फ्रांसीसी दूत के निष्कासन की मांग पर अप्रैल में हिरासत में लिया गया था।

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