पाकिस्तान में होने वाले संसदीय चुनाव चर्चा में हैं। आठ फरवरी को मतदान से पहले आतंकी हाफिज सईद ने नई राजनीतिक पार्टी- पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग का गठन किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पार्टी को जेल में बंद हाफिज सईद के प्रतिबंधित संगठनों में एक माना जा रहा है। बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के हवाले से समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि इस संगठन ने पाकिस्तान के कई शहरों में उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया है। इनमें कुछ उम्मीदवार ऐसे हैं जो हाफिज सईद के रिश्तेदार हैं। कुछ उम्मीदवार प्रतिबंधित आतंकी संगठन- लश्कर-ए-तैयबा, जमात-उद-दावा या मिल्ली मुस्लिम लीग से भी जुड़े हैं।
हाफिद सईद 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का कथित मास्टरमाइंड है। पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी अदालतों ने आतंकवाद के वित्तपोषण के कई मामलों में सईद को कुल 31 साल की सजा सुनाई है। सईद लाहौर में कैद है। दिसंबर, 2008 में संयुक्त राष्ट्र ने हाफिज सईद को 'वैश्विक आतंकवादियों' की सूची में शामिल किया था।
पाकिस्तान में धार्मिक पार्टियों पर नजर रखने वाले विश्लेषकों के हवाले से आई खबरों में दावा किया गया है कि मरकज़ी मुस्लिम लीग सईद की जेयूडी का 'नया राजनीतिक चेहरा' है। हालांकि पार्टी के एक प्रवक्ता ने सईद के संगठनों से किसी भी तरह के जुड़ाव से इनकार किया है।
आम चुनाव 2024 की रेस काफी रोचक
हाफिज सईद से जुड़े लोगों का चुनावी रण में ताल ठोकना इसलिए भी अहम है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी बैकफुट पर है। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आम चुनाव 2024 की रेस में काफी आगे माना जा रहा है। चार मुकदमों में दोषी करार दिए गए इमरान का आरोप है कि उन्हें मनगढ़ंत मामलों में दंडित किया जा रहा है। उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि उनके खिलाफ साजिश करने वाले लोगों को उखाड़ फेंकने के लिए चुनाव में बड़ी संख्या में मतदान करें। गौरतलब है कि इमरान खान अगस्त, 2022 से ही जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न- क्रिकेट का बल्ला छिन चुका है। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) खुद उनके और उनकी पार्टी के कई नेताओं के नामांकन पत्र खारिज कर दिए हैं।
पाकिस्तान में 90 हजार से अधिक पोलिंग स्टेशन पर वोटिंग
रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में आठ फरवरी को मतदान के दौरान संसद और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए जनप्रतिनिधियों का चुनाव होगा। देशभर में स्थानीय लोग अपने प्रतिनिधयों को चुनने के लिए 90,600 से अधिक पोलिंग बूछ पर वोट डालेंगे। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) के मुताबिक देश के लगभग 128 मिलियन मतदाताओं के लिए 90675 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इन स्टेशनों पर 2,76,402 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अगर आयोग कानून का पालन करने में सफल होता, तो देशभर में लगभग 1,07,000 और मतदान केंद्रों की स्थापना होती। प्रत्येक में चार मतदान केंद्र भी होते। हालांकि, अब आठ फरवरी को मतदान 4.28 लाख मतदान केंद्रों की बजाय 2.76 लाख केंद्रों पर ही होंगे।