उत्तर कोरिया ने ऑस्ट्रेलिया को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां मुहैया कराने के अमेरिकी फैसले की आलोचना की और इस समझौते द्वारा उत्तर कोरिया की सुरक्षा प्रभावित होने की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उत्तर कोरियाई विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस समझौते को बेहद खतरनाक कार्रवाई करार देते हुए कहा कि इससे एशिया-प्रशांत में सुरक्षा संतुलन बिगड़ेगा और हथियारों की होड़ बढ़ेगी। उ. कोरिया ने कहा, हम इस समझौते पर करीबी नजर रखे हैं और यदि इसका हमारे देश की सुरक्षा पर मामूली असर भी पड़ा तो हम जवाबी कार्रवाई करेंगे।
फ्रांस-ऑस्ट्रेलिया में जारी रहेगा एटमी अनुबंध समझौता
फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों ने कहा कि दोनों देशों के बीच पनडुब्बी अनुबंध रद्द किए जाने के कारण फ्रांसीसी नाराजगी से वजह से ऑस्ट्रेलिया व यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता पटरी से नहीं उतरेगा। ऑस्ट्रेलिया के लिए फ्रांस के राजदूत ज्यां-पियरे थेबो ने उन मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें कहा गया है कि फ्रांस ईयू में इस बात की पैरवी कर रहा है कि वह ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर न करे, जिस पर 2018 से बातचीत चल रही है। थेबो ने कहा कि इस चरण पर वार्ता जारी है और इससे ऑस्ट्रेलिया को बड़े लाभ मिलेंगे।
ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका के संबंधित नेताओं द्वारा त्रिपक्षीय रणनीतिक गठबंधन ‘ऑकस’ के निर्माण की घोषणा के बाद चीन ने वैसे ही नाराजगी जाहिर की, जैसा अनुमान लगाया जा रहा था। गठबंधन को लेकर चीनी सरकार और उसकी मीडिया की प्रतिक्रिया गुस्से और दोषारोपण की थी। चीन की प्रतिक्रिया बताती है कि इस गठबंधन को लेकर डरा और घबराया हुआ है।
हालांकि ‘ऑकस’ का कहना है कि चीन को इस गठबंधन को खुद से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। यह गठबंधन चीन के लिए नहीं है। वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने 16 सितंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑकस और ऑस्ट्रेलिया के परमाणु ऊर्जा से संचालित पनडुब्बियों की खरीद के निर्णय पर चर्चा की थी। चीन के विदेश मंत्रालय के औपचारिक बयान जारी करने के बजाय मसले पर झाओ की प्रतिक्रिया चीन के आधिकारिक रुख को दिखाती हैं।
उन्होंने कहा कि परमाणु पनडुब्बी सहयोग ‘क्षेत्रीय शांति और स्थिरता’ को कमजोर कर हथियारों की दौड़ तेज करता है और अंतरराष्ट्रीय अप्रसार प्रयासों को कमजोर करता है। ऑस्ट्रेलिया ने छह पुरानी रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना (आरएएन) कोलिन्स-क्लास डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों को बदलने के लिए कम से कम आठ परमाणु-संचालित हमला पनडुब्बियों (नौसेना की भाषा में, एक एसएसएन) के निर्माण के लिए अमेरिका से करार किया है।