ताजा अध्ययन के तहत बच्चों और किशोर उम्र लोगों में लॉन्ग कोविड के पांच प्रमुख लक्षणों की पहचान की गई है। ये हैं- सिर दर्द, थकान, नींद में बाधा, एकाग्र होने में दिक्कत और पेट में दर्द। लेकिन मुश्किल यह सामने आई कि जितनी संख्या में कोविड मरीजों ने ऐसे लक्षणों की शिकायत की, उतनी ही संख्या में अध्ययन में शामिल उन लोगों ने भी की, जिन्हें कोविड नहीं हुआ था। लेकिन यह देखने में जरूर आया कि किसी बच्चे या किशोरों में ऐसे लक्षण 12 हफ्तों से ज्यादा नहीं टिके।
मरडॉक चिल्ड्रेन्स रिसर्च इंस्टीट्यूट में हुए एक दूसरे अनुसंधान से यह सामने आया है कि कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट ने पिछले वैरिएंट्स की तुलना में बच्चों में कोई ज्यादा गंभीर लक्षण नहीं पैदा किया है। लेकिन यह जरूर देखा गया कि इस वैरिएंट से संक्रमण फैलने का अंदेशा अधिक रहता है। कर्टिस ने कहा- ‘कोविड पीड़ित बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत बहुत कम पड़ती है। उन्हें आईसीयू में रखने की जरूरत तो और भी कम पड़ती है। ऑस्ट्रेलिया में ज्यादातर बच्चों को एहतियातन अस्पताल में भर्ती किया गया है।’ अध्ययन से यह भी सामने आया है कि जो बच्चे पहले से मोटापा, किडनी की समस्या या कमजोर इम्युनिटी का शिकार थे, उन्हें कोविड के लक्षणों के गंभीर रूप लेने की आशंका 25 गुना तक ज्यादा रही।