नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने नियुक्ति पत्र में गलती की वजह से मंगलवार को शपथ लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र में संवैधानिक खंड का उल्लेख नहीं है जिसके तहत उन्हें नियुक्त किया गया है, इसलिए जल्द से जल्द इसमें सुधार किया जाए।
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वहीं शपथग्रहण के बाद भी देउबा के सामने एक और चुनौती रहेगी। जिसके तहत नियुक्ति के 30 दिनों के भीतर उन्हें सदन में विश्वास मत हासिल करना होगा। बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को प्रधानमंत्री ओली के 21 मई के संसद की प्रतिनिधि सभा को भंग करने के फैसले को रद्द कर दिया था और देउबा को प्रधानमंत्री नियुक्त करने का आदेश दिया था।
प्रधान न्यायाधीश चोलेंद्र शमशेर राणा के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा था कि प्रधानमंत्री के पद पर ओली का दावा असंवैधानिक है। इस फैसले के बाद ओली की हर उम्मीद निराशा में बदल गई।