चीन के साथ सीमा विवाद का अध्ययन करने के लिए नेपाल सरकार जांच समिति गठन करने की तैयारी में है। सरकार के प्रवक्ता एवं कानून, न्याय और संसदीय कार्य मंत्री ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की ने कहा कि प्रधानमंत्री निवास वालुवाटार में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में हुम्ला जिले के विभिन्न स्थानों पर सीमा विवाद का अध्ययन करने के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है।
मंत्री कार्की ने कहा की हुम्ला जिले के नाम्खा गांव के लमि लाप्चा से हिल्सा तक के सीमा विवाद का अध्ययन करके नेपाल सरकार को रिपोर्ट सौंपने केलिए गृह मंत्रालय के सह सचिव के नेतृत्व में एक जांच समिति गठन किया जाएगा।
नाम्खा में चीन की ओर से नेपाली भूभाग पर अतिक्रमण किए जाने का आरोप कांग्रेस नेता व पूर्व उप-प्रधानमंत्री विमलेंद्र निधि और कर्णाली प्रदेश के काग्रेस संसदीय दल के नेता जीवन बहादुर शाही लगाते आए हैं। इस विषय में सरकारी स्तर पर ही जांच कराने की मांग दोनों नेता करते आए हैं।
इसी दबाव के कारण विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाल रहे प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने बुधवार को मंत्रिपरिषद की बैठक से ही इस विषय मे अध्ययन कार्य दल गठन करने का निर्णय किया था। संसदीय कार्य मंत्री ज्ञानेंन्द्र बहादुर कार्की ने यह भी बताया की जांच समिति मे सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और सीमा विशेषज्ञ सामिल होंगे।
नेपाली सर्वेक्षण को बताया गैर-पेशेवर
चीन के ग्लोबल टाइम्स ने कहा था कि नेपाल के सर्वेक्षणकर्मी कम प्रशिक्षित और गैर पेशेवर हैं। इसी कारण सीमा निर्धारण में वे गलतियां कर रहे हैं। पिलर संख्या 11 और 12 एक दूसरे से बहुत दूरी पर हैं और बहुत ऊंचाई पर स्थित हैं। ऐसे में सीमा निर्धारित करने के दौरान गलतियां होना आम बात है। संभावना है कि नेपाली सर्वेक्षण टीम ने एक तकनीकी त्रुटि की।