नेपाल में पिछले दो दिनों (48 घंटे) से भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के चलते अब तक कुल 48 लोगों की मौत हो गई जबकि 31 अन्य लापता हैं। बुधवार को पुलिस प्रवक्ता बसंत कुंवर ने बताया कि इस घटनाक्रम में देश भर के दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और ज्यादातर का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है।
लगातार भारी बारिश पश्चिमी नेपाल के गांवों तक बचाव दल को पहुंचने में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। यह क्षेत्र राजधानी काठमांडो से करीब 350 किलोमीटर दूर है। यहां स्थित सेटी गांव में दो दिनों के भीतर 60 लोग बाढ़ में डूबे हैं।
नेपाल के टीवी चैनलों में धान की फसल के जलमग्न होने या बह जाने तथा पुलों, सड़कों और घरों को बहते हुए दिखाया जा रहा है। अधिकारियों ने अगले कुछ और दिनों तक बारिश की चेतावनी दी है। काठमांडो पोस्ट के मुताबिक, इस बेमौसम बारिश के कारण आई आपदा से सुदूर पश्चिम प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
ये इलाके अत्यधिक प्रभावित
नेपाल के कंचनपुर, डोटी, कैलाली, डडेलधुरा, बैतडी, और बझांग जिले बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा महाकाली, करनाली और सेती नदियों में दशक का सबसे अधिक जल स्तर दर्ज किया गया है, जिससे जानमाल का भारी नुकसान हो रहा है। डोटी के जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम नौ लोग मारे गए और एक लापता है।