नासा प्रमुख बिल नेल्सन ने चीन को लेकर एक हैरान करने वाला दावा करते हुए कहा कि वे (चीन) अंतरिक्ष में एक गुप्त सैन्य कार्यक्रम चला रहे हैं ताकि वह चंद्रमा पर अपना दावा कर सकें। नेल्सन के मुताबिक इसकी जानकारी वे छुपा रहे हैं।
नेल्सन ने कहा कि चीन हमेशा से यह कहता रहा है कि अंतरिक्ष में उसकी गतिविधियां पूरी तरह वैज्ञानिक हैं। उसका उद्देश्य किसी भी तरह से अतिक्रमण करने का नहीं है। लेकिन चीन के इरादे कुछ और ही हैं। हमें लगता है कि वे अंतरिक्ष के क्षेत्र में चीन ने असाधारण प्रगति की है, लेकिन उसके ज्यादातर कार्यक्रम गोपनीय रहे हैं। अमेरिका और चीन दोनों चंद्रमा पर स्थायी अड्डे बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी साल मार्च में चीन के वैज्ञानिकों ने डिज्नीलैंड के आकार का चंद्र बेस बनाने का ऐलान किया था।
चीन को अहम प्रतिद्वंदी मानता रहा है अमेरिका
चार साल में किया अरबों डॉलर का निवेश
चीन ने बीते चार साल में अंतरिक्ष मिशन के लिए अरबों डॉलर का निवेश किया है। अमेरिकी स्पेस फोर्स के कमांडर ने चीन के ट्रैकिंग उपग्रहों को लेकर चेताया है, जिनका उपयोग सैन्य अभियानों की निगरानी के लिए किया जा सकता है। चीन विशाल जासूसी गुब्बारे और हाइपरसोनिक मिसाइलें भी विकसित कर रहा है।
अंतरिक्ष समझौते का होगा उल्लंघन