हार्टफोर्ड की तरफ से कराए गए एक ताजा सर्वे के मुताबिक अमेरिका की 52 फीसदी कंपनियों ने ये कहा कि उन्हें कर्मचारी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। मार्च 2020 में ऐसा कहने वाली कंपनियों की संख्या 36 फीसदी ही थी। ताजा सर्वे में 31 फीसदी कंपनियों ने कहा कि कर्मचारियों में बढ़ी मानसिक स्वास्थ्य की समस्या का कंपनी पर बहुत खराब वित्तीय असर हो रहा है। मार्च 2020 में ये शिकायत सिर्फ 20 फीसदी कंपनियों ने जताई थी।
विशेषज्ञों ने कहा है कि कंपनियां अगर अपने कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य दिवस जैसे अवकाश दें और ऑनलाइन इलाज की सुविधाएं मुहैया कराएं तो उससे काफी लाभ हो सकता है। कार्य स्थलों पर मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल पर जोर देने वाली संस्था- माइंड शेयर पार्टनर्स की कार्यकर्ता केली ग्रीनवुड और नताशा क्रोल ने हाल मे हार्डवर्ड बिजनेस रिव्यू में लिखे एक लेख में कहा कि प्रबंधकों को नियमित रूप से कर्मचारियों की दिमागी सेहत की जांच करानी चाहिए। ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना उनकी ही जिम्मेदारी है, जिससे कर्मचारी अपनी निजी समस्याओं पर खुल कर बात कर सकें।
लेकिन हार्टफॉर्ड के ताजा सर्वे में 72 फीसदी कंपनियों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के साथ जुड़ी प्रतिकूल सामाजिक भावना के कारण कर्मचारी उस बारे में कंपनी को सूचित नहीं करते। इसलिए कंपनियां उनकी मदद करने में अक्षम बनी रहती हैं।