कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो
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पिछले कुछ महीनों से भारत और कनाडा के रिश्तों में तकरार चल रही है। खालिस्तानी आतंकी निज्जर की मौत को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय खुफिया एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए निज्जत की हत्या में शामिल होने की बात कही थी। जिसके बाद से तनाव इस कद्र बढ़ा कि दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ कड़े प्रतिबंधित कदम उठाए। तनाव के बीच शारदीय नवरात्र के पहले दिन जस्टिन ट्रूडो ने लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दी।
सोशल मीडिया जरिए दी शुभकामनाएं
कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "नवरात्रि की शुभकामनाएं! मैं हिंदू समुदाय के सदस्यों और इस त्योहार को मनाने वाले सभी लोगों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भेज रहा हूं।" यह नौ रातों तक चलता है, पहली बार चैत्र (मार्च/अप्रैल) के महीने में, और फिर अश्विन (सितंबर-अक्टूबर) के महीने में।
क्यों है दोनों देशों के बीच तनाव?
ट्रूडो द्वारा पिछले महीने सार्वजनिक तौर पर दिए बयान के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंट शामिल थे, जिनकी 18 जून को वैंकूवर उपनगर में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। भारत ने इस आरोप को बेतुका बताते हुए खारिज कर दिया और दोनों देशों ने एक-एक राजनयिक को निष्कासित कर दिया। वहीं भारत ने कनाडाई लोगों के लिए नए वीजा भी निलंबित कर दिए है।
वहीं ट्रूडो ने बाद में कहा कि वह विवाद को बढ़ाना नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा, हम इसे बेहद गंभीरता से ले रहे हैं, लेकिन हम भारत सरकार के साथ जिम्मेदारीपूर्वक और रचनात्मक रूप से जुड़ना जारी रखेंगे। हाल ही में जॉर्डन के राजा और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति के साथ भारत के संबंधों की चर्चा के बाद कई वैश्विक नेताओं के साथ भारत का मुद्दा उठाने के लिए कनाडाई प्रधानमंत्री को बड़े पैमाने पर ट्रोल किया गया था।