इस्राइल-हमास संघर्ष को आज 18वां दिन होने जा रहा है। दोनों के बीच हो रहे युद्ध में छह हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, इस्राइल सिक्योरिटीज अथॉरिटी (आईएसए) ने सोमवार को एक वीडियो जारी किया है। इसमें कथित तौर पर हमास के आतंकवादियों को सात अक्तूबर को इस्राइल में घातक आतंकवादी हमलों में अपनी सक्रिय भागीदारी स्वीकार करते हुए दिखाया गया है।
अथॉरिटी ने बताया कि आईएसए द्वारा उपलब्ध कराया गया वीडियो में हमास आतंकवादियों के बयान शामिल हैं। हमास के आतंकवादियों को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्हें इस्राइल से गाजा में नागरिकों को बंधक बनाने के लिए रुपये देने का वादा किया गया था।
हमास के एक आतंकवादी ने बताया, 'जो कोई भी इस्राइली लोगों को बंधक बनाकर गाजा लाता है, उसे 10,000 डॉलर रुपये और एक अपार्टमेंट मिलता है।’ इसके अलावा, उन्हें यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि उन्हें विशेष रूप से बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों का अपहरण करने का निर्देश दिया गया था। साथ ही, घरों को साफ करने और ज्यादा से ज्यादा कैदियों का अपहरण करने को भी कहा गया।
कुत्ता बाहर आया तो...
वीडियो में आतंकवादी को आगे कहते हुए सुना जा सकता है, ‘एक महिला का कुत्ता बाहर आया तो उसे गोली मार दी। बाद में महिला का शव फर्श पर पड़ा था, मैंने उसे भी गोली मार दी। इस पर कमांडर ने गुस्सा भी किया कि मैं एक लाश पर गोलियां बर्बाद कर रहा।’ वहीं, हमास के एक अन्य आतंकवादी ने कहा, ‘हम जो करने आए थे, हमने उसे पूरा किया और फिर दो घरों को जला दिया।’
सात अक्तूबर को हुई हत्या..
आईएसए ने अपने बयान में कहा कि सात अक्तूबर को हुई हत्याओं की चल रही जांच के दौरान कई अपराधों की प्रकृति और तरीके सामने आए हैं। वीडियो में आतंकवादियों ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों को मारने और अपहरण करने के लिए हमास को प्राप्त स्पष्ट निर्देशों को कथित रूप से स्वीकार किया है।
इस बीच, आईएसए ने कहा कि हमास के सैन्य विंग के वरिष्ठ कमांडर (कंपनी कमांडर रैंक और उससे ऊपर के रैंक के) अपने बंदूकधारियों को इस्राइल में लड़ने, मरने या गिरफ्तार होने के लिए भेजते समय खुद सुरक्षित जगहों पर छिपे रहे। इस्राइल के सुरक्षा बलों ने सभी आतंकवादियों से निपटने का संकल्प लिया।