इंटरनेशनल फोरम फॉर राइट्स एंड सिक्योरिटी का दावा है कि चीन अपने परमाणु हथियारों और उनकी वितरण प्रणालियों के आधुनिकीकरण के तेज प्रयास कर रहा है। इन्हीं प्रयासों के तहत चीन साइलो आधारित आईसीबीएम के अलावा रोड-मोबाइल आईसीबीएम, परमाणु पनडुब्बियों का विकास कर रहा है।
चीन रणनीतिक रूप से संवेदनशील कई जगहों पर इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) के साइलो बनाकर पूरी दुनिया के लिए खतरा पैदा कर रहा है। माना जा रहा है कि चीन 5500 किमी दूरी तक परमाणु हथियारों के साथ हमला करने में सक्षम आईसीबीएम के लिए 280 साइलो-आधारित लॉन्च फैसिलिटी की तादाद बढ़ा रहा है।
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फरवरी के बाद तेजी से बढ़ाया आईसीबीएम साइलो का निर्माण
इंटरनेशनल फोरम फॉर राइट्स एंड सिक्योरिटी का दावा है कि चीन अपने परमाणु हथियारों और उनकी वितरण प्रणालियों के आधुनिकीकरण के तेज प्रयास कर रहा है। इन्हीं प्रयासों के तहत चीन साइलो आधारित आईसीबीएम के अलावा रोड-मोबाइल आईसीबीएम, परमाणु पनडुब्बियों का विकास कर रहा है। उपग्रह चित्रों से पता चलता है कि जिलांताई में मौजूद साइलो के अलावा युमेन, हमी और हैंगगिन बैनर में भी आईसीबीएम साइलो बनाए जा रहे हैं।
मिसाइल भंडारण व प्रक्षेपण की संयुक्त सुविधा है साइलो
साइलो आधारित आईसीबीएम असल में संयुक्त मिसाइल भंडारण व प्रक्षेपण प्रणाली है। इसमें एक ही जगह पर मिसाइलों के भंडारण और हमले के लिए प्रक्षेपित करने की सुविधा होती है। इससे मिसाइल से हमला करना बहुत आसान हो जाता है, जितनी ज्यादा साइलो साइट्स होती हैं, एक साथ उतनी ज्यादा मिसाइल दागने की क्षमता बढ़ जाती है।