हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर फैसला सुनाते हुए रूस को तुरंत यूक्रेन पर आक्रमण बंद करने को कहा है। साथ ही कहा है कि रूस समर्थित कोई भी पक्ष इसमें सैन्य दखल न दे। कोर्ट ने कहा कि उसका जो भी फैसला होगा, सभी पक्षों के लिए बाध्यकारी होगा।
यूक्रेन के सैनिकों की तारीफ
सुनवाई के दौरान आईसीजे ने रूस के सामने यूक्रेन के सैनिकों द्वारा हथियार नहीं डालने की तारीफ की। कोर्ट ने कहा कि रूसी आक्रमण के खिलाफ यूक्रेन के लोगों, सैनिकों और राष्ट्रपति जेलेंस्की का बराबरी से मुकाबला करना तारीफ के काबिल है।
जेलेंस्की ने इसे अपने देश की जीत बताते हुए कहा, यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय अदालत में रूस के खिलाफ अपने मामले में जीत हासिल की है। आईसीजे ने हमले को तुरंत रोकने का आदेश दिया है। यह आदेश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बाध्यकारी है। रूस को तुरंत इसका पालन करना चाहिए। आदेश की अवहेलना रूस को और भी अलग-थलग कर देगी।
रूस ने किया था सुनवाई का बहिष्कार
इससे पहले 7 मार्च को हुई सुनवाई का रूस ने बहिष्कार किया था। यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय से अपील की थी वह रूस को सैन्य अभियान बंद करने का आदेश दे। यूक्रेन का कहना है कि रूस का आक्रमण संयुक्त राष्ट्र नरसंहार संधि की दोषपूर्ण व्याख्या के दायरे में आता है।