सिंगापुर में जन्मे भारतीय मूल के अर्थशास्त्री थरमन षणमुगरत्नम ने गुरुवार को देश के नौवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। थरमन (66) का कार्यकाल छह साल रहेगा। उन्होंने हलीमा याकूब की जगह ली है। उनका कार्यकाल 13 सितंबर को खत्म हो गया। याकूब सिंगापुर की पहली महिला राष्ट्रपति थीं।
कौन हैं थरमन षणमुगरत्नम?
2001 में राजनीति में शामिल होने से पहले थरमन सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण में एक अर्थशास्त्री और एक लोक सेवक थे। उन्होंने शिक्षा और वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया है और 2011 से 2019 तक उप प्रधान मंत्री के पद पर रहे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व आर्थिक मंच और संयुक्त राष्ट्र सहित कई वैश्विक संगठनों में प्रमुख पदों पर भी कार्य किया है।
कौन-कौन सी अहम जिम्मेदारियां संभालीं?
सार्वजनिक सेवा में अपना पूरा जीवन सिंगापुर की सेवा में लगाने वाले षणमुगरत्नम को हाल में हुए चुनाव में मुख्य रूप से देश के चीनी समुदाय का भारी समर्थन मिला था। उन्होंने 2019 से 2023 के बीच एक वरिष्ठ मंत्री के रूप में कार्य किया। वह 2015 से 2023 के बीच सामाजिक नीति समन्वय मंत्री और 2011 से 2023 के बीच सिंगापुर के मौद्रिक प्राधिकरण के अध्यक्ष रहे। वह मई 2011 से मई 2019 तक सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री भी रहे हैं।
सिंगापुर में भारतीय मूल के दो राष्ट्रपति रहे
- सिंगापुर में भारतीय मूल के दो राष्ट्रपति रहे हैं। राजनेता और तमिल मूल के नौकरशाह सेल्लापन रामनाथन सिंगापुर के राष्ट्रपति रहे। रामनाथन 1999 में बेंजामिन शियर्स को हराकर सिंगापुर के राष्ट्रपति बने थे। वे 2011 तक इस पद पर रहे। वह सबसे लंबे समय तक सिंगापुर के राष्ट्रपति रहे।
- सीवी देवन नायर 1981 से 1985 तक सिंगापुर के तीसरे राष्ट्रपति रहे। 1923 में मलक्का, मलेशिया में जन्मे नायर एक रबड़ बागान में लिपिक (क्लर्क) के तौर पर काम करने वाले आईवी करुणाकरण नायर के बेटे थे। जो मूल रूप से केरल के थालास्सेरी के रहने वाले थे।