खालिस्तानियों को लेकर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। कभी कनाडा तो कभी अमेरिका में इन आतंकियों के समर्थन की खबर सामने आती रहती है। हालांकि, अब भारतीय मूल के एक प्रमुख अमेरिकी सिख नेता ने साफ कर दिया है कि खालिस्तान आंदोलन का न तो यहां की सरकार और न ही समुदाय समर्थन करता है।
पंजाब की करें मदद
सिख ऑफ अमेरिका संगठन के जस्सी सिंह ने पंजाब में युवाओं के बीच बढ़ते नशे की समस्या सहित कई चुनौतियों के समाधान के लिए भारत सरकार से एक विकास पैकेज देने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि सरकार राज्य को इन सब समस्याओं से बाहर निकालने में मदद करे।
मोदी सरकार ने किया सराहनीय काम
सिंह ने कहा, 'सिखों के साथ मोदी सरकार के संबंध और इस समुदाय के लिए उन्होंने जो कुछ किया है, वह पिछली सरकारों की तुलना में काफी सराहनीय है। इसमें कोई संदेह नहीं है। हालांकि अभी भी सिखों के कई मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है।इसमें 1984 के दंगों में सिखों के खिलाफ अत्याचार भी शामिल है। कोई भी सिख इसे नहीं भूलेगा।'
अभी भी कई समस्याएं
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सिखों की चिंताओं को दूर करने की पूरी कोशिश की है, लेकिन ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर उन्हें अभी भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को अकाली और बादल जैसे बिचौलियों की जरूरत नहीं है। उन्हें भारत और दुनिया में सिख समुदाय के साथ सीधा संबंध बनाने की जरूरत है।
खालिस्तानी आंदोलन का...
खालिस्तान आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि अधिकतर सिख खालिस्तान आंदोलन का समर्थन नहीं करते हैं। भारत और अमेरिका में एक छोटा सा अल्पसंख्यक है जो इस आंदोलन का समर्थन करता है।
पीएम मोदी से हर बार करते हैं मुलाकात
सिंह और उनके प्रतिनिधिमंडल ने 2014 के बाद से प्रधानमंत्री की हर अमेरिका यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की है। सिंह ने कहा कि भारत की विकास गाथा हर प्रवासी भारतीय को गौरवान्वित करती है और अब समय आ गया है कि केंद्र पंजाब राज्य, उसके युवाओं और उसके लोगों के लिए कुछ 'बेहतर पैकेज' दे।