भारत और श्रीलंका अब समुद्र के नीचे बनने वाले ट्रांसमिशन लाइन के जरिए भी जुड़ेंगे। अरबों डॉलर की इस परियोजना के तहत चेन्नई और श्रीलंकाई शहर अनुराधापुरा को जोड़ने की पहल हो रही है। श्रीलंका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूरी परियोजना लगभग 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की है।
भारत और श्रीलंका के बीच नया रिश्ता कायम हो सकता है। दोनों देशों के बीच समुद्र के अंदर बनने वाली ट्रांसमिशन लाइन के जरिए नए संबंध स्थापित होंगे। दरअसल, श्रीलंका को भारतीय पावरग्रिड से जोड़ने की तैयारियां हो रही हैं। दोनों देश 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर (अनुमानित) की ट्रांसमिशन लाइन पर काम कर रहे हैं। यह लाइन समुद्र के अंदर बनाई जा रही है। श्रीलंकाई सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऊर्जा सुरक्षा हासिल करने के मकसद से श्रीलंका की बिजली आपूर्ति को भारत से जोड़ा जा रहा है।
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किन दो शहरों के बीच संपर्क स्थापित होगा
इस प्रस्ताव के तहत श्रीलंका के उत्तर मध्य में बसे शहर अनुराधापुरा और भारत में तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के बीच सीधे संपर्क स्थापित होंगे। दोनों शहर सीधी बिजली लाइन के माध्यम से जोड़े जा रहे हैं। भारत में 130 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन जमीन पर होगी। इसके बाद, पूर्वोत्तर श्रीलंका में मन्नार के थिरुकेथीस्वरम में समुद्र के नीचे ट्रांसमिशन लाइन (पनडुब्बी केबल के माध्यम से) निकाली जाएगी।
भारतीय उच्चायुक्त की मौजूदगी में हुई अहम बैठक
श्रीलंका के ऊर्जा मंत्रालय की सचिव सुलक्षणा जयवर्धने ने कहा, पावर ग्रिड भारत के साथ जुड़ने से ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी। उन्होंने यह बयान बिजली क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत-श्रीलंका संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की बैठक के कुछ दिनों बाद दिया। 28 फरवरी को कोलंबो में JWG की पांचवीं बैठक हुई थी। बैठक में श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा भी शामिल हुए थे। जयवर्धने के मुताबिक इस बैठक में पावर ग्रिड इंटरकनेक्शन के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।