पाकिस्तान में नई सरकार के गठन के बाद आर्थिक संकट से निपटने की कवायद हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से बेल आउट पैकेज पर विचार करने की अपील की है। उन्होंने पाकिस्तान के आर्थिक संकट पर तत्काल विचार करने और बातचीत की पहल करने का आह्वान भी किया।
पाकिस्तान में आर्थिक संकट की खबरें लंबे समय से सामने आ रही हैं। बीते आठ फरवरी को कराए गए आम चुनाव के बाद देश को अब नया प्रधानमंत्री मिल चुका है। शहबाज शरीफ ने लगभग 24 दिनों के बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में व्याप्त संकट को खत्म करने की दिशा में बड़ी पहल की है। पीएम शहबाज शरीफ ने आईएमएफ से मदद मांगने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बात का संज्ञान लिया कि देश को आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए बेल आउट पैकेज की जरूरत है। ऐसे में आर्थिक जरूरतों पर विचार करने के लिए तत्काल वार्ता की पहल की जाए।
विज्ञापन
PM ने अधिकारियों को बातचीत की पहल करने का निर्देश दिया
नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की मदद की अपील करने वाले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बेलआउट पैकेज हासिल करने के लिए आईएमएफ के साथ तत्काल बातचीत का रास्ता निकालें। उन्होंने साफ किया है कि अर्थव्यवस्था में सुधार उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
'आपात स्थिति से निपटने के लिए तत्काल योजना बनाएं'
पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (PML-N) ने बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद देश की अर्थव्यवस्था की समीक्षा की। वित्त सचिव ने उन्हें विस्तार से पूरी स्थिति समझाई। इसके बाद प्रधानमंत्री ने बेलआउट पैकेज के संबंध में बातचीत की योजना तत्काल बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने आपात स्थिति से निपटने के लिए तत्काल एक कार्य योजना बनाने का निर्देश भी दिया।
विज्ञापन
सरकार का आकार छोटा करेंगे प्रधानमंत्री शहबाज
संसद में 201 सांसदों का समर्थन हासिल कर सरकार बनाने वाले शहबाज शरीफ ने देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयासों का वादा किया है। उन्होंने कहा कि घाटे में चल रहे सरकारी स्वामित्व वाले उद्यमों का निजीकरण किया जाएगा। उन्होंने साफ संदेश दिया है कि सरकार का आकार छोटा किया जाएगा। जिन संस्थानों की अब जरूरत नहीं रह गई है, उनका या तो विलय किया जाएगा या ऐसी इकाइयों को बंद कर दिया जाना चाहिए।
जनवरी में 700 मिलियन डॉलर का पैकेज मिला, अमेरिका से हजारों करोड़ के कर्ज
गौरतलब है कि कंगाली की कगार पर खेड़े पाकिस्तान को इसी साल जनवरी में 700 मिलियन डॉलर से अधिक राशि की दूसरी किस्त मिली थी। यह राशि तीन बिलियन अमेरिकी डॉलर की स्टैंड-बाय व्यवस्था के तहत भेजी गई थी। इतनी बड़ी राशि जारी करने की सहमति जून, 2023 में बनी थी।
आईएमएफ से मिला 6.5 बिलियन डॉलर का बेलआउट पैकेज
पाकिस्तान में आर्थिक संकट कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछली बार आईएमएफ ने 6.5 बिलियन डॉलर का बेलआउट पैकेज देने का एलान किया था। हालांकि, पाकिस्तान अभी तक पूरी रकम हासिल करने में असफल रहा है। ऐसे में शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की अंतिम किश्त (लोन) हासिल करना है।