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US: 'रूस के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को नहीं तोड़ेगा भारत', एस्पेन सिक्योरिटी फोरम में बोले अमेरिकी एनएसए

Sun, 21 Jul 2024 09:17 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

US: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया रूस दौरे के दौरान राषष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ गले मिलने पर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि बाइडन प्रशासन कभी नहीं चाहता कि अमेरिका के साझेदार और मित्र देश रूस में जाकर पुतिन को गले लगाएं।
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अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन - फोटो : एएनआई (फाइल)
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) जेक सुलिवन ने कहा कि इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि भारत रूस के साथ अपने सैन्य और प्रौद्योगिकी संबंधों को गहरा कर रहा है। उन्होंने कहा, यह जरूरी नहीं कि भविष्य में आने संकंटों में मॉस्को भारत का महान और विश्वसनीय दोस्त बना रहेगा। सुलिवन कोलाराडो में एस्पेन सिक्योरिटी फोरम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उनसे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मुलाकात के बारे में सवाल किया गया। 
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नरेंद्र मोदी, व्लादिमीर पुतिन - फोटो : एएनआई (फाइल)
'भारत-रूस संबंध प्रगाढ़ होने का सबूत नहीं'
सुलिवन ने कहा, सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हमारे पास इस बात का ठोस सबूत है कि भारत रूस के साथ अपने सैन्य और प्रौद्योगिकी संबंधों को गहरा कर रहा है? मैंने उस उस यात्रा (पीएम मोदी का रूस दौरा) में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं देखा कि उनके संबंध गहरे हो रहे हैं। मैंने वहां ऐसी कोई घोषणा होती हुई नहीं देखी।
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नरेंद्र मोदी, व्लादिमीर पुतिन - फोटो : एएनआई (फाइल)
'मोदी का अभिवादन करने का एक निश्चित तरीका'
अमेरिकी एनएसए से पूछा गया कि जब प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति पुतिन से मिले तो आप कितने चिंतित थे, जबकि उसी समय राष्ट्रपति जो बाइडन वॉशिंगटन में नाटो के नेताओं की मेजबानी कर रहे थे? मोदी के पुतिन से गले मिलने को लेकर भी सवाल किया गया। इस पर सुलिवन ने कहा, मोदी का वैश्विक नेताओं का अभिवादन करने का एक निश्चित तरीका है। मैंने इसे बहुत करीब से और व्यक्तिगत रूप से देखा है। 

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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : एएनआई (फाइल)
'मित्र देशों को पुतिन को गले लगाते नहीं देखना चाहता अमेरिका'
उन्होंने आगे कहा, बाइडन प्रशासन कभी भी ऐसे देशों को मॉस्को में आकर पुतिन को गले लगाते नहीं देखना चाहता, जिनकी अमेरिका परवाह करता है, जो उसके साझेदार और मित्र हैं। मैं यहां बैठे लोगों को अन्य बातें नहीं बताना चाहता हूं। लेकिन भारत के साथ हमारे संबंधों के मामले में आप जानते हैं कि हम प्रौद्योगिकी, अर्थशास्त्र और व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र शासन कला और भू-राजनीति में अपार अवसर देखते हैं। हम इस संबंध को दो संप्रभु देशों के रूप में गहरा करना चाहते हैं।
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नरेंद्र मोदी, व्लादिमीर पुतिन - फोटो : एएनआई (फाइल)
'रूस के साथ ऐतिहासिक संबंध नहीं तोड़ेगा भारत'
सुलिवन ने कहा, भारत का रूस के साथ ऐतिहासिक संबंध हैं और वह इसे इतनी जल्दी तोड़ने वाले नहीं हैं। लेकिन मैं यह भी कह सकता हूं कि रूस चीन के करीब होता जा रहा है। रूस भविष्य में किसी भी संकट में भारत के लिए एक महान और विश्वसनीय मित्र नहीं साबित होने वाला है।
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गुरपतवंत सिंह पन्नू - फोटो : एक्स/ShayanKrsna
'पन्नु की हत्या की साजिश पर हमारा रुख स्पष्ट'
सुलिवन ने कहा कि अमेरिका में एक सिख अलगाववादी की हत्या की साजिश के आरोपों के बारे में भारत के साथ बातचीत सम्मानजनक और प्रभावी रही है। हमने स्पष्ट कर दिया है कि हम इस पर क्या रुख रखते हैं। उन्होंने कहा, भारत ने आरोपों से इनकार किया है, लेकिन इसकी जांच के लिए एक आंतरिक जांच दल का गठन किया गया है। उन्होंने कहा, हम इस बारे में सार्वजनिक रूप से बहुत पारदर्शी है। इस संवेदनशील मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। हम तब तक काम करते रहेंगे जब तक हमें उचित और संतोषजनक परिणाम न मिल जाए। बता दें कि पिछले साल नवंबर में अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर न्यूयॉर्क में गुरपतवंत सिंह पन्नु की हत्या की नाकाम साजिश में एक भारतीय सरकारी कर्मचारी के साथ काम करने का आरोप लगाया था। गुप्ता को पिछले साल जून में चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था। 14 जून को उन्हें अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था।
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