भारत और यूरोपीय संघ ने इंडो-पैसिफिक में अधिक सहयोग, भारत-ईयू के बीच बेहतर तालमेल के रास्ते और रक्षा उद्योग सहयोग के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने समुद्री सुरक्षा जैसे द्विपक्षीय सहयोग के मौजूदा क्षेत्रों में जुड़ाव को गहरा करने पर भी बात की।
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भारत के रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग) विश्वेश नेगी ने सुरक्षा और रक्षा पर यूरोपीय बाहरी कार्रवाई सेवा के सुरक्षा और रक्षा नीति निदेशक जोआनके बालफोर्ट के साथ यूरोपीय संघ-भारत रणनीतिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग के रास्ते पर चर्चा की। दोनों पक्षों के बीच यूरोप में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ। इस दौरान यूक्रेन के खिलाफ रूस द्वारा किए जा रहे युद्ध के साथ-साथ दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व के हालातों पर चर्चा की।
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रक्षा उद्योग सहयोग के बारे में भी चर्चा
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, दोनों ने इंडो-पैसिफिक में अधिक सहयोग, भारत-ईयू के बीच बेहतर तालमेल के रास्ते और रक्षा उद्योग सहयोग के बारे में भी चर्चा की। यूरोपीय संघ ने यूरोपीय रक्षा औद्योगिक रणनीति (ईडीआईएस) सहित यूरोपीय संघ के रणनीतिक और इंडो-पैसिफिक रणनीति के कार्यान्वयन के साथ-साथ यूरोपीय संघ के नए संचालन, जैसे कि ईयूएनएवीफोर एस्पिड्स के कार्यान्वयन की जानकारी दी।
नए क्षेत्रों का पता लगाने की आवश्यकता पर भी सहमति
इसके अलावा, उन्होंने साइबर, समुद्री सुरक्षा और संकट प्रबंधन जैसे द्विपक्षीय सहयोग के मौजूदा क्षेत्रों में जुड़ाव को गहरा करने पर भी चर्चा की। साथ ही इस पर सहमति जताई, एन्हांसिंग कोऑपरेशन इन एंड विद एशिया (ईएसआईडब्ल्यूए) द्वारा प्रस्तावित संभावनाओं का पूरा उपयोग करना शामिल है। वे अंतरिक्ष सुरक्षा सहित सहयोग के नए क्षेत्रों का पता लगाने की आवश्यकता पर भी सहमत हुए।