पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
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तालिबान के लिए दुनिया से मदद मांग रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अब नया पैंतरा चला है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने किरकिरी के बाद उन्होंने शुक्रवार को बयान दिया कि पाकिस्तान के खिलाफ अफगानिस्तान की जमीन का प्रयोग किया जा रहा है और तीन आतंकी संगठन वहां सक्रिय हैं। इमरान खान ने यह बयान ताजिकिस्तान के दुशांबे में एक प्रेसवार्ता के दौरान दिया। वे ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान के साथ मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान व ताजिकिस्तान दोनों पंजशीर को लेकर चिंतित हैं और यही चाहते हैं कि यह मुद्दा बातचीत के जरिए ही सुलझाया जाए।
वहीं, इमरान ने अफगानिस्तान मे सभी जातीय समूहों के प्रतिनिधित्व को लेकर तालिबान से बातचीत का भी एलान किया। उन्होंने ट्वीट किया कि दुशांबे में अफगानिस्तान के पड़ोसी देशों के नेताओं के साथ बातचीत के बाद उन्होंने एक समावेशी सरकार बनवाने के लिए हरसंभव कोशिश करने का एलान किया है। इसके जरिए वे तालिबान से इस्लामिक अमीरात सरकार में ताजिक, हजारा और उज्बेक्स को शामिल करने की मांग करेंगे। माना जा रहा है कि जल्द ही पाकिस्तान और ताजिकिस्तान की मध्यस्थता में पंजशीर के विद्रोही और तालिबान बातचीत शुरू करेंगे।
इमरान ने ट्वीट कि दुशांबे में अफगानिस्तान के पड़ोसी देशों के नेताओं और विशेष रूप से ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन के साथ लंबी चर्चा के बाद मैंने ताजिक, हजारा और उज्बेक्स को शामिल करने के लिए एक समावेशी अफगान सरकार के लिए तालिबान के साथ बातचीत शुरू की है। इससे पहले इमोमाली रहमान ने कहा था कि अफगानिस्तान में शांति स्थापित होने से सिर्फ पाकिस्तान या ताजिकिस्तान को फायदा नहीं होगा। बल्कि पूरी दुनिया को इससे फायदा होगा। इस दौरान ताजिकस्तान व पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच व्यापार व सहयोग बढ़ाने की घोषणा की। बता दें कि अफगान तालिबान ने इस महीने की शुरुआत में 33 सदस्यों वाली अंतरिम सरकार की घोषणा की थी, लेकिन इसमें किसी भी दूसरे धड़े के नेताओं को शामिल नहीं किया गया है।
अमेरिका पर दिए बयानों पर सफाई दी
इस बीच अफगान मामले में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अमेरिकी नेताओं के दगा देने के बयानों पर इमरान ने सफाई दी है। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अमेरिका का साथ देने की भारी कीमत चुकाई है। रूसी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान के मामले में अमेरिका की विफलता के लिए बेवजह पाकिस्तान पर उंगली उठाई जा रही है। एक पाकिस्तानी होने के नाते उन सीनेटरों द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों से मुझे बहुत दुख हुआ। अफगानिस्तान में इस पराजय के लिए पाकिस्तान को दोष देना हमारे लिए सुनने के लिए सबसे दर्दनाक बात है।
बता दें कि इमरान की यह टिप्पणी अमेरिकी सीनेट में विदेशी मामलों की समिति में सीधे तौर पर पाकिस्तान को तालिबान की मदद करने के लिए जिम्मेदार ठहराने के बाद आई है। अमेरिकी सांसदों ने पाक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बाइडन की तारीफ भी की
इमरान ने कहा कि अफगान मसले पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की अनुचित आलोचना हो रही है। उन्होंने बहुत ही समझदारी का फैसला किया है। बाइडेन से रिश्ते को लेकर किए गए सवाल पर इमरान ने कहा कि उनकी सरकार का अमेरिका से अच्छा रिश्ता है। हमारे सुरक्षा प्रमुख अफगानिस्तान पर विचार-विमर्श करते रहते हैं।