सेवानिवृत्त नौकरशाह रजा को 2020 में पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) का प्रमुख नियुक्त किया गया था। तब इमरान खान देश के प्रधानमंत्री थे। लेकिन जल्द ही इमरान खान के सरकार में रहते हुए उनके साथ मतभेद बढ़ गए थे औ उन्होंने उनकी आलोचना करनी शुरू कर दी थी। इसके बाद अप्रैल 2022 में सरकार के गिरने के बाद खान ने उनकी और ज्यादा आलोचना शुरू कर दी थी।
पीटीआई के अध्यक्ष गौहर खान ने अदियाला जेल में इमरान खान से मुलाकात की। इसके बाद जेल के बाहर मीडिया से बात करते हुए गौहर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने उनसे रजा के इस्तीफे की मांग करने को कहा है। उन्होंने कहा, इमरान खान से आज मुलाकात के बाद पीटीआई मांग करती है कि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दें। उन्हें एक दिन भी पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, सीईसी अपने दायित्व को निभाने में विफल रहे हैं। हम मांग करते हैं कि सीईसी तत्काल इस्तीफा दें ताकि सभी जांच निष्पक्ष हो और लोगों के जनादेश के अनुरूप हो।
उन्होंने रावलपिंडी के आयुक्त लियाकत चट्ठा और उनके परिवार के लिए भी सुरक्षा की मांग की, ताकि वह जांच का हिस्सा बन सकें। चट्ठा ने खुलासा किया कि उन्होंने रावलपिंडी क्षेत्र में तेरह सीटों पर चुनाव में धांधली की। उन्होंने यह भी कहा कि चट्ठा एक 'व्हिसलब्लोअर' थे, जिन्होंने चुनाव में धांधली की जानकारी का खुलासा किया। उन्होंने कहा, हम मांग करते हैं कि उनकी जीवन और उनके बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि वह किसी जांच में हिस्सा ले सकें।