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बढ़ रहीं मुश्किलें: इमरान पर लगाए गए आपराधिक साजिश रचने के आरोप; नौ मई को हुई हिंसा मामले में चालान तैयार

Wed, 20 Sep 2023 10:54 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लाहौर

सार

लाहौर पुलिस के वरिष्ठ जांच अधिकारी अनूश मसूद ने कहा कि लाहौर में नौ मई की घटनाओं की जांच में पीटीआई प्रमुख को सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों और लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का मास्टरमाइंड पाया गया है।  
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब नौ मई को हुई हिंसा और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले की साजिश रचने और लोगों को विद्रोह के लिए उकसाने के लिए उनपर 'आपराधिक साजिश' करने का आरोप लगाया गया है। पंजाब पुलिस के एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस आरोप में अधिकतम मौत की सजा का प्रावधान है। 

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लाहौर पुलिस के वरिष्ठ जांच अधिकारी अनूश मसूद ने कहा कि लाहौर में नौ मई की घटनाओं की जांच में पीटीआई प्रमुख को सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों और लोगों को हिंसा के लिए उकसाने का मास्टरमाइंड पाया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में इमरान को धारा 120-बी के अलावा, दंगा भड़काने के इरादे से उकसाने, विद्रोह को बढ़ावा देने और पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़ने का प्रयास करने के संबंध में नौ अन्य अपराधों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पुलिस और अभियोजकों ने मामले में चालान तैयार किया है। अब इसे आतंकवाद निरोधी अदालत लाहौर को सौंपा जाएगा। 

गौरतलब है कि मई में इमरान खान को अचानक ही पैरामिलिट्री रेंजर्स द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद नौ मई को उनके समर्थकों ने देशभर में प्रदर्शन किए थे। इस दौरान कई जगहों पर हिंसा की खबरें भी सामने आई थीं। इमरान समर्थकों ने सेना और सरकार की एक दर्जन से ज्यादा इमारतों को निशाना बनाया था। इसमें रावलपिंडी स्थित सैन्य हेडक्वार्टर पर हमला भी शामिल रहा था। 
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गौरतलब है कि इमरान खान 5 अगस्त, 2023 से पंजाब प्रांत की अटक जेल में हैं। उन्हें तोशाखाना (उपहार) मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उन्हें तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि बाद में ऊपरी अदालत द्वारा फैसले को निलंबित करने के बाद उन्हें मामले में जमानत दे दी गई। इसके बाद एक बार फिर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत सिफर मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। अब खान ने सिफर मामले में गिरफ्तारी के बाद जमानत की मांग करते हुए इस्लामाबाद उच्च न्यायालय (आईएचसी) का दरवाजा खटखटाया है।

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