हमास और इस्राइल बीते सात महीने से जंग लड़ रहे हैं। अब तक 30 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हमास के आतंकियों की दरिंदगी पूरी दुनिया देख रही है। इस्राइल रक्षा बलों ने शुक्रवार को युद्धग्रस्त गाजा पट्टी से तीन बंधकों के शव बरामद किए हैं। पता चला है कि सात अक्तूबर को बंधक बनाई गई एक जर्मन महिला को नंगा करके घुमाया गया था।
तीनों की हुई पहचान
आईडीएफ के प्रवक्ता रियर एडमिरल डेनियल हगारी का हवाला देते हुए एक मीडिया रिपोर्ट में बताया कि जिन तीन लोगों के शव बरामद हुए हैं, उनकी पहचान 53 साल के इत्जाक गेलेंटर, 28 साल के अमित बुस्किला और 23 वर्षीय शानी लौक के रूप में हुई है। तीनों के शव रातभर चले अभियान के दौरान मिले।
जान बचाने के लिए भागे तो की हत्या
हगारी ने कहा, 'सात अक्तूबर को हमास ने इस्राइल में नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर हमला कर दिया था। आतंकवादियों ने उस वक्त इन तीनों को अगवा कर लिया था। जब इन लोगों ने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की तो तीनों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बाद में आतंकवादी शवों को घसीटते हुए गाजा ले गए थे।'
बालों और टैटू से की थी पहचान
इस्राइल ने अक्तूबर के अंत में 23 साल की टैटू कलाकार जर्मन-इस्राइली लौक की मौत की पुष्टि की थी। जानकारी के मुताबिक, शानी लौक को उस वक्त बंधक बनाया लिया गया था, जब वह गाजा सीमा के पास सुपरनोवा संगीत समारोह में शिरकत करने पहुंची थीं। इस संगीत समारोह पर सात अक्तूबर को अचानक हमास ने हमला कर दिया था। इस दौरान कई लोग मारे गए थे और हमास की दरिंदगी के कई वीडियो भी वायरल हुए थे। हमास के आतंकियों ने लौक को बंधक बनाने के बाद एक पिकअप ट्रक में निर्वस्त्र कर घुमाया था। एक वायरल वीडियो में उन्हें पिकअप ट्रक में औंधे मुंह लेटी हुई देखा गया। परिवार ने उनकी पहचान बालों और टैटू से की थी।
हालांकि, 53 वर्षीय गेलेंटर का परिवार शुक्रवार तक अंधकार में था। उनकी बेटी यार्डन पिवको ने एक मीडिया चैनल से कहा था कि उन्हें उम्मीद थी की वह जिंदा होंगे। लेकिन अब उम्मीद भी टूट गई। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दिल दहला देने वाली खबर बताया। कहा कि यह दिल तोड़ने वाली जानकारी है। हम अपने सभी बंधकों को वापस लाएंगे।
अमेरिका का बड़ा कदम- डॉक्टर सुरक्षित रूप रवाना
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने शुक्रवार को बताया कि इस्राइल द्वारा राफा से मिस्र तक सीमा पार करने पर रोक लगाए जाने के बाद गाजा में 20 अमेरिकी डॉक्टर फंस गए थे। हालांकि, अब इनमें से 17 डॉक्टर सुरक्षित रूप से एन्क्लेव से रवाना हो गए।
किर्बी ने कहा, 'वे बाहर हैं। 20 अमेरिकी डॉक्टर थे। 17 अब सुरक्षित हैं। आज वह वहां से बाहर आए। सभी 17 वहां से निकलना चाहते थे। मैं अन्य तीन के बारे में फिलहाल कुछ नहीं बोलूंगा, लेकिन बस, मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि उनमें से कोई भी जो छोड़ना चाहता था वह अब बाहर है।'
विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि यरुशलम में अमेरिकी दूतावास के समर्थन से अमेरिकियों को बाहर सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने कहा कि हम इन नागरिकों के परिवारों के संपर्क में भी हैं।
एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिन तीन डॉक्टरों ने गाजा से नहीं आने का विकल्प चुना, उन्होंने यह इसलिए किया था क्योंकि उन्हें लगा नहीं था कि अमेरिकी दूतावास उन लोगों को वहां से सुरक्षित निकाल पाएगा। सूत्र ने बताया कि दूतावास की टीम सीमा पर डॉक्टरों की अगवानी के लिए केरेम शालोम क्रॉसिंग पर गई थी, लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी कि डॉक्टर सीमा पार कैसे पहुंचे।
सात माह से जंग जारी
हमास ने सात अक्तूबर को इस्राइली शहरों पर पांच हजार से ज्यादा रॉकेट दागकर हमले की शुरुआत की थी। इसके बाद हमास के आतंकियों ने इस्राइल में घुसकर लोगों को मौत के घाट उतारा। इसके जवाब में इस्राइल ने हमास आतंकियों के खिलाफ गाजा में ऑपरेशन शुरू किया था। इस ऑपरेशन में गाजा स्थित हमास के ठिकानों पर जबरदस्त बमबारी की गई है, जिससे अधिकतर गाजा खंडहर में तब्दील हो गया है। अब तक इस्राइल और गाजा में कुल मिलाकर 30000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है