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जी-7 शिखर सम्मेलन: चीन पर शिकंजा कसने का आह्वान, साझा हितों को प्रोत्साहित करेंगे

Sun, 13 Jun 2021 10:23 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

जी-7 देशों के नेताओं ने रविवार को चीन से मानवाधिकारों का सम्मान करने की अपील करते हुए साझा हितों को प्रोत्साहित करने की शपथ ली। चीन से कहा गया कि वह शिनजियांग में मानवाधिकारों और मूलभूत स्वतंत्रता का सम्मान करे जहां उस पर उइगर समुदाय के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप हैं। इसके अलावा हांगकांग में हालात का भी जिक्र किया गया। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने जी-7 समूह देशों के नेताओं के शिखर सम्मेलन को असाधारण करार देते हुए बैठक को सहयोगात्मक और बेहतर परिणाम देने वाली बताया।
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जी-7 सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि जी-7 साफ तौर पर शिनजियांग और हांगकांग में मानवाधिकारों का हनन समाप्त करने, प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के लिए चीन की गैर-बाजारीय नीतियों से निपटने के लिए साझा नीति तैयार करने और सौर कृषि (सोलर एग्रीकल्चर) व कपड़ा उद्योग में जबरन श्रम के खिलाफ गंभीर कदम उठाने के लिए सहमत हुआ। बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद जो बाइडन का यह पहला जी-7 शिखर सम्मेलन था।

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बाइडन ने कहा कि जी-7 ने बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव के एक लोकतांत्रिक विकल्प की शुरुआत करने पर सहमति जताई। हम इसके लिए एक समिति का गठन करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि आप देखेंगे कि चीन से अब केवल सीधी बात की जाएगी। जैसा कि मैंने शी जिनपिंग (चीन के राष्ट्रपति) को खुद कहा था कि हम विवाद नहीं चाहते हैं। जहां हम सहयोग कर रहे हैं, वहां करते रहेंगे। जहां हम असहमत हैं, मैं स्पष्ट रूप से बताने जा रहा हूं कि हम उन कार्यों का जवाब देने जा रहे हैं जो असंगत हैं।
 

सम्मेलन के दौरान जी-7 के नेताओं ने कहा कि हमने मांग की है कि कोविड-19 की उत्पत्ति के लिए चीन में किए जा रहे अध्ययन  का दूसरा चरण समय से, पारदर्शी तरीके से, विशेषज्ञों के निर्देशन में और वैज्ञानिक आधार पर हो, जैसा कि विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है। बता दें कि यह अध्ययन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) करवा रहा है। 
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2022 के अंत तक टीके की एक अरब खुराकें मुहैया कराएंगे जी-7 देश

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रविवार को कॉर्नवाल में जी-7 शिखर सम्मेलन के समापन पर कहा कि दुनिया के नेताओं ने अगले साल के अंत तक गरीब देशों को कोविड-19 रोधी टीकों की एक अरब खुराकें मुहैया कराने का संकल्प जताया है। जी-7 के सम्मेलन में अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान के अलावा मेहमान देश के तौर पर दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और भारत ने डिजिटल माध्यम से शिरकत की।

जॉनसन ने कहा, ‘नेताओं ने सीधे तौर पर या ‘कोवाक्स’ पहल के जरिए दुनिया के गरीब देशों को एक अरब खुराकों की आपूर्ति का संकल्प लिया है। इसमें ब्रिटेन की ओर से दी जाने वाली 10 करोड़ खुराकें भी शामिल हैं। दुनिया के टीकाकरण की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।’ जॉनसन ने ब्रिटेन में विकसित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के टीके की खास भूमिका को भी रेखांकित किया। भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ‘कोविशील्ड’ नाम से इस टीके का उत्पादन कर रही है।

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