सऊदी अरब पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को गल्फ कॉपरेशन काउंसिल (GCC) के महासचिव नायेफ फलाह मुबारक अल-हजरफ के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान भारत व अन्य जीसीस के छह क्षेत्रीय देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान दोनों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
बता दें विदेश मंत्री जयशंकर शनिवार को अपनी तीन दिवसीय यात्रा पर सऊदी अरब पहुंचे थे। विदेश मंत्री के रूप में यह उनकी पहली सऊदी अरब यात्रा है।
बैठक की जानकारी खुद विदेश मंत्री ने ट्वीट कर दी। उन्होंने कहा, जीसीसी के महासचिव के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान भारत और जीसीसी के बीच परामर्श तंत्र पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा वर्तमान क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिति को देखते हुए भारत-जीसीसी सहयोग की प्रासंगिकता पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। दरअसल, जीसीसी एक क्षेत्रीय, अंतर सरकारी, राजनीतिक और आर्थिक संघ है, जिसमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
भारत और जीसीसी के बीच लगातार बढ़ रहा सहयोग
बीते कुछ दिनों में भारत और जीसीसी के बीच लगातार आर्थिक संबंध बढ़ रहे हैं। इसका मुख्य कारण भारत द्वारा तेल आयात में वृद्धि है। 2020-21 के दौरान, जीसीसी को भारत का निर्यात 28.06 बिलियन अमरीकी डॉलर था। इस अवधि के दौरान द्विपक्षीय दोतरफा व्यापार 87.36 अरब अमेरिकी डॉलर का था।
सऊदी विदेश मंत्री के साथ मुलाकात
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आज दोपहर सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद के साथ गर्मजोशी से सफल बैठक की। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि भारत-सऊदी साझेदारी परिषद की राजनीतिक, सुरक्षा, सामाजिक और सांस्कृतिक समिति की सह-अध्यक्षता की। वर्तमान वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक चिंताओं पर चर्चा की। G20 और बहुपक्षीय संगठनों में मिलकर काम करने पर सहमति जताई।