Austria Election: ऑस्ट्रिया में पहली बार आम चुनाव में धुर दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी (एफपीओ) को बढ़त हासिल हुई। रविवार के संसदीय चुनावों के वोट अनुमानों के अनुसार, रूस समर्थक एफपीओ सत्तारूढ़ चांसलर कार्ल नेहमर की रूढ़िवादी ऑस्ट्रियाई पीपुल्स पार्टी (ओवीपी) से आगे चल रही है।
ऑस्ट्रिया में पहली बार आम चुनाव में धुर दक्षिणपंथी फ्रीडम पार्टी (एफपीओ) को बढ़त हासिल हुई। रविवार के संसदीय चुनावों के वोट अनुमानों के अनुसार, रूस समर्थक एफपीओ सत्तारूढ़ चांसलर कार्ल नेहमर की रूढ़िवादी ऑस्ट्रियाई पीपुल्स पार्टी (ओवीपी) से आगे चल रही है। यदि एफपीओ ऑस्ट्रिया में सरकार बनाने में सफल रहती है तो यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार होगा जब धुर दक्षिणपंथी पार्टी सत्ता में आएगी।
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हर्बर्ट किक्ल के नेतृत्व में एफपीओ को 29.1 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है, जबकि ओवीपी को 26.2 प्रतिशत और मध्य-वाम सोशल डेमोक्रेट्स को 20.4% वोट मिलेंगे। ये अनुमान पोलस्टर फोरसाइट ने प्रसारणकर्ता ओआरएफ के लिए मतदान खत्म होने के बाद किए गए सर्वे में लगाए। सर्वेक्षणकर्ता आर्ग वेहलेन के अलग से किए गए अनुमान में भी एफपीओ पहले स्थान पर है और उसे लगभग 4 प्रतिशत अंकों से जीत मिली। ऑस्ट्रिया में नई संसद के लिए 16 वर्ष और उससे अधिक आयु के 63 लाख से अधिक लोग मतदान करने के पात्र थे। ऑस्ट्रिया यूरोपीय संघ का एक सदस्य है, जिसकी सैन्य तटस्थता की नीति है। किक्ल की पार्टी को 2019 के संसदीय चुनाव के बाद इस बार ज्यादा समर्थन मिला है। जून में भी उनकी फ्रीडम पार्टी ने यूरोपीय संसद के चुनाव में देश में बढ़त बनाई थी।
देश में बदलाव की जरूरत : एफपीओ
पूर्व आंतरिक मंत्री और लंबे समय तक कैंपेन रणनीतिकार रहे हर्बर्ट किक्ल 2021 से एफपीओ का नेतृत्व कर रहे हैं। एफपीओ के महासचिव माइकल श्नेडलिट्ज ने कहा कि मतदाता ने अपने दिल की बात कह दी है। देश में बदलाव की जरूरत है। हालांकि उन्होंने माना कि अभी हमारे पास अंतिम नतीजे नहीं हैं।
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हम अंतर कम करने में नाकाम रहे : ओवीपी
चांसलर नेहमर ने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी रविवार के संसदीय चुनाव में एफपीओ से अपने अंतर को कम करने में नाकाम रही है। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि ओवीपी को चुनाव से पहले जो वादा किया था, उस पर कायम रहना चाहिए। पार्टी महासचिव क्रिश्चियन स्टॉकर ने कहा कि नेहमर पहले ही कह चुके हैं कि वह किक्ल के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। हम इसी रुख पर अडिग हैं।