अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अदालत से बड़ा झटका लगा है। न्यूयॉर्क के धोखाधड़ी मामले में अपीलीय अदालत ने गैग आदेश को बहाल करने का फैसला लिया है। इस आदेश के कारण ट्रंप पर अदालत के कर्मचारियों को बदनाम करने से रोक लग गई थी।
न्यूयॉर्क की एक अपील अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े गैग ऑर्डर को बहाल कर दिया। गैग ऑर्डर यानी प्रतिबंध आदेश के बहाल होना ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। फैसले के बाद ट्रंप के वकील क्रिस्टोफर किसे ने इसे "कानून के लिए दुखद दिन" करार दिया।
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दरअसल, गुरुवार को अदालत ने उस प्रतिबंध आदेश को बहाल किया, जिसके तहत डोनाल्ड ट्रंप पर पाबंदियां लगाई गई थीं। ट्रंप पर न्यूयॉर्क धोखाधड़ी मुकदमे से जुड़े अदालत के एक क्लर्क को अपमानित करने का आरोप है। अदालत ने गैग आदेश जारी कर ट्रंप को अदालत के कर्मचारियों के बारे में टिप्पणी करने से रोक दिया था।
कठोरता से लागू होगा आदेश
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चार-न्यायाधीशों के पैनल ने फैसला सुनाया। अदालत के गैग आदेश को बहाल करने के निर्णय से पहले व्यक्तिगत अपीलीय न्यायाधीश ने अपील प्रक्रिया के दौरान आदेश पर रोक लगा दी थी। इसके दो सप्ताह बाद आदेश को बहाल करने का आदेश सामने आया। ट्रायल जज आर्थर एंगोरोन ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ प्रतिबंध आदेश पारित किया था। उन्होंने कहा कि अब गैग आदेश को "कठोरता और सख्ती से" लागू करने की योजना बनाई गई है।
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दरअसल, पूर्व राष्ट्रपति पर आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर न्यायाधीश के क्लर्क के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद एंगोरोन ने 3 अक्तूबर को प्रारंभिक रोक आदेश जारी किया था। ट्रंप के पोस्ट में क्लर्क के निजी जीवन के बारे में निराधार आरोप थे।
न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स का आरोप है कि ट्रंप ने ऋण सुरक्षित करने और सौदे करने के लिए वित्तीय विवरणों में अपनी संपत्ति को बढ़ा-चढ़ाकर बताया। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है। अदालत का गैग आदेश बहाल करने का आदेश इसलिए बी अहम है क्योंकि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से ट्रंप 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में अहम उम्मीदवार हैं। उनका मानना है कि अदालत में चल रहा मुकदमा डेमोक्रेट पार्टी से जुड़ी लेटिटि जेम्स का राजनीतिक हमला है।