स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को खबर दी कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) सुप्रीमो बुधवार को लंदन से रियाद और दुबई होते हुए पाकिस्तान के लिए रवाना हुए।शरीफ 2019 से लंदन में रह रहे थे। अगले साल जनवरी में संभावित आम चुनावों में उनके अपनी पीएमएल-एन पार्टी का नेतृत्व करने की उम्मीद है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने गुरुवार को अपने बेटे हुसैन शरीफ और अन्य करीबी सहयोगियों के साथ उमराह (मक्का की तीर्थयात्रा) किया। शरीफ के करीबी सहयोगी मियां नासिर जंजुआ, वकार अहमद, उनके दोस्त करीम यूसुफ और कुछ अन्य लोग भी सऊदी अरब की यात्रा पर उनके साथ थे।
एक प्रमुख पाकिस्तानी अखबार की खबर के मुताबिक, शरीफ देश में अपने प्रवास के दौरान सऊदी अरब के शीर्ष अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे, जिनमें शाही परिवार भी शामिल है। एक अन्य अखबार ने पार्टी सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि तीन बार प्रधानमंत्री रहे शरीफ इसके बाद 16 या 17 अक्तूबर को जेद्दा से दुबई के लिए रवाना होंगे, जहां वह यूएई के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
सूत्रों ने बताया कि शरीफ के कतर की संक्षिप्त यात्रा करने की भी संभावना है और इस संभावित यात्रा के बाद शरीफ फिर से दुबई पहुंचेंगे। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में पूर्व प्रधानमंत्री 21 अक्तूबर को एक विशेष विमान से पाकिस्तान के लिए रवाना होंगे। शरीफ को ले जाने वाले विमान का नाम 'उम्मीद-ए-पाकिस्तान' होगा और वह दुबई से इस्लामाबाद में उतरेगा। यहां से वह लाहौर के लिए रवाना होंगे और मीनार-ए-पाकिस्तान में सभा को संबोधित करेंगे।
हालांकि, शरीफ के भविष्य को लेकर अनिश्चित है, क्योंकि उन्हें पहले ही भगोड़ा घोषित किया जा चुका है और पाकिस्तान पहुंचने के बाद उन्हें गिरफ्तार भी किया जा सकता है। वहीं, उनकी पार्टी पीएमएल-एन ने सुरक्षात्मक जमानत हासिल करने की योजना बनाई है, ताकि वह जेल जाने से पहले रैली को संबोधित कर सकें।
पूर्व वित्त मंत्री और पीएमएल-एन के वरिष्ठ नेता इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान लौटने पर शरीफ की गिरफ्तारी की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रांजिट बेल और प्रोटेक्टिव बेल कोर्ट से प्राप्त की जाएगी। नवाज शरीफ मानक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करेंगे।