ऐसा पोलैंड द्वारा कुछ विवादित कानून पास करने के कारण किया गया। अदालत ने कहा, पोलैंड जब तक फैसले का पालन नहीं करता, तब तक उस पर लगी पाबंदियां जारी रहेंगी।
यूरोपीय संघ (ईयू) ने पोलैंड पर न्यायिक स्वतंत्रता और कानून को सर्वोच्च मानते हुए रोजाना 12 लाख डॉलर (करीब नौ करोड़ रुपये) रोजाना का जुर्माना लगाया है। यह सख्त सजा ईयू के कानूनी आदेश को नहीं मानने की अपूरणीय क्षति के रूप में दी गई है। अदालत का फैसला न मानने के एवज में ईयू के किसी सदस्य देशों पर लगा यह अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना है।
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ऐसा पोलैंड द्वारा कुछ विवादित कानून पास करने के कारण किया गया। अदालत ने कहा, पोलैंड जब तक फैसले का पालन नहीं करता, तब तक उस पर लगी पाबंदियां जारी रहेंगी। ये पाबंदियां बीती जुलाई में लगाई गई थीं क्योंकि पोलैंड ने अपने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एक व्यवस्था बनाई है।
आलोचकों का कहना है कि यह व्यवस्था राजनीतिक आधार पर जजों को हटाने का रास्ता है। जुलाई में यूरोपीय कोर्ट ने पोलैंड को यह व्यवस्था खत्म करने का आदेश दिया था। कोर्ट का कहना था कि यह व्यवस्था निष्पक्ष न्याय के रास्ते में बाधा है। चूंकि पोलैंड ने आदेश का पालन नहीं किया, इसलिए कोर्ट ने अब उस पर अब 10 लाख यूरो (12 लाख डॉलर) रोजाना का जुर्माना लगाया है।