द इनोवेशन जर्नल में यह अध्ययन तीन शोधपत्रों के रूप में प्रकाशित हुआ। यह खोपड़ी कम से कम 1.46 लाख साल पुरानी है। इसमें पाया जाने वाला मस्तिष्ट मनुष्य के आकार का हुआ करता था। लेकिन इसकी आंखों का गड्ढा ज्यादा बढ़ा था, भौहों का आकार चौड़ा, मुंह बड़ा और बड़े दांत थे।
इस खोपड़ी का नाम लॉन्ग जियांग से लिया गया है, जिसका मतलब ड्रैगन रिवर होता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि क्रेनियम खोपड़ी एक नर मानव की है, जिसकी उम्र करीब 50 साल होगी और ये शायद बाढ़ वाले इलाके के जंगली मैदान में रहा करता होगा।
पूरे एशिया में फैले थे होमो लोंगी
स्ट्रिंगर का कहना है कि उस समय की जनसंख्या शिकारी-संग्रहकर्ता वाली रही होगी, जो जमीन पर रहते थे। हार्बिन में आज के शीतकालीन तापमान को देखकर लगता है कि इस मानव प्रजाति को निएंडरथल से भी ज्यादा ठंड सहन करनी पड़ती थी। ऐसा बताया जा रहा है कि ये होमो लोंगी पूरे एशिया में फैले थे और बहुत ही कठिन वातावरण में रहा करते थे।
शोधकर्ताओं ने पहले क्रेनियम की बाहरी आकृति का अध्ययन 600 से ज्यादा गुणों के आधार पर किया और उसके बाद कंप्यूटर मॉडल में लाखों सिम्यूेलशल चलाए, जिससे वो अन्य जीवाश्म में उसके संबंधों को वंश वृक्ष बना सकें। शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर होमोसेपियन्स पूर्व एशिया तक पहुंचे थे, तब होमो लोंगी उस समय वहां मौजूद थे, तो उनमें आपस में मिश्रण हो सकता है, हालांकि ये अभी भी स्पष्ट नहीं है।