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डब्ल्यूएचओ: गरीब देशों में टीके की कमी, अफ्रीका में डेल्टा वेरिएंट के मामलों में 40 फीसदी की वृद्धि चिंताजनक

Sat, 26 Jun 2021 11:36 AM IST
वर्तिका तोलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जिनेवा

सार

हमारी दुनिया विफल हो रही है, वैश्विक समुदाय के रूप में हम विफल हो रहे हैं। - डब्ल्यूएचओ
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डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक - फोटो : Twitter
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विस्तार
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को वैश्विक विफलता की निंदा करते हुए कहा कि अमीर देश विभिन्न तरह की पाबंदियों के बाद अब अनलॉक की तरफ बढ़ रहे हैं और उन युवाओं काे टीके की खुराख दे रहे हैं जिन्हें कोरोना वायरस से ज्यादा खतरा नहीं है। वहीं दूसरी तरफ सबसे गरीब देशों में टीके की कमी है।

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डेल्टा वेरिएंट की वजह से कोरोना वायरस के मामलों में 40 फीसदी की वृद्धि
डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस ने कहा कि अफ्रीका में स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां पिछले सप्ताह कोरोना संक्रमण के नए मामलों  और कोविड-19 की वजह से मौतों के आंकड़ों में लगभग 40% की वृद्धि हुई है। जोकि बहुत खतरनाक है क्योंकि डेल्टा वेरिएंट अब पूरे विश्व में फैल रहा है। हमारी दुनिया विफल हो रही है, वैश्विक समुदाय के रूप में हम असफल हो रहे हैं।

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टेड्रोस ने एचआईवी और एड्स से की तुलना

टेड्रोस, जो खुद एक इथियोपियन है, उन्होंने कम आय वाले देशों के साथ टीके की खुराक साझा करने की इच्छा नहीं रखने वाले अज्ञात देशों को दंडित किया। कॉन्फ्रेंस के दौरान जब किसी ने यह कहा कि अफ्रीका हमेशा से कॉम्प्लिकेटेड (जटिल) उपचार का इस्तेमाल करने में असमर्थ रहा है, तो उस पर टेड्रोस ने इसकी तुलना एचआईवी/एड्स संकट से कर दी। उन्होंने कहा कि मेरा मतलब है कि यह अतीत की बात है। अभी समस्या सप्लाई की है, हमें बस कोरोना वायरस के टीके दे दें।

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