ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई
- फोटो : एएनआई (फाइल)
ईरान ने अपने अरब पड़ोसियों और खाड़ी में अमेरिकी सहयोगियों को चेतावनी दी है। तेहरान ने कहा कि अगर इस्राइल की मदद के लिए उनके क्षेत्र या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया गया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। 'वॉल स्ट्रीट जनरल' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह चेतावनी गोपनीय राजनयिक चैनलों के जरिए सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जॉर्डन और कतर जैसे सभी तेल समृद्ध देशों को दी गई है, जहां अमेरिकी सैन्य बल मौजूद हैं।
यह चेतावनी तब सामने आई है, जब बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद इस्राइल ने ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात की है। इस हमले के बाद इस्राइल के अधिकारियों ने ईरान के परमाणु ठिकानों और तेल सुविधाओं पर हमले की मांग की है। इस्राइली अधिकारी इसे तेहरान की आक्रामक सैन्य नीति को कमजोर करने के लिए एक जरूरी कदम मान रहे हैं। वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उसने इस्राइल के नागरिक ढांच और और उन अरब देशों को निशाना बनाने की बात कही है, जो इस्राइल या अमेरिका के हमले में मदद कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, खाड़ी देशों की एक प्रमुख चिंता यह है कि अगर संघर्ष बढ़ता है तो वैश्विक तेल बाजार पर इसका क्या असर पड़ेगा। इस्राइल और ईरान के बीच पूर्ण युद्ध होने पर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल निर्यात प्रभावित हो सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक उर्जा आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु है। तेल की आपूर्ति में बाधा आने ससे उर्जा कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे न केवल क्षेत्र बल्कि वैश्विक बाजार अस्थिर हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक अरब नेताओं, खासकर सऊदी अरब और यूएई के नेताओं ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य हमलों में शामिल न होने की प्रतिबद्धता जताई है।
अमेरिका ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उद्योगों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी और राज्य विभाग ने कई कंपनियों और जहाजों को चिह्नित किया है, जो ईरानी पेट्रोलियम के परिहवन में शामिल हैं। ईरान के मिसाइल कार्यक्रमों और क्षेत्रीय मिलिशियाओं को वित्तीय मदद प्रदान करने वाले स्रोतों को काटने के लिए अमेरिका ने यह कदम उठाया है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने अरब राज्यों और इस्राइल के बीच पहले से नाजुक गठबंधन को और जटिल बना दिया है। हालांकि, ये सभी देश ईरान की तरह सीधे किसी सैन्य संघर्ष में फंसने से बचते हुए नजर आ रहे हैं।