टीवी चैनल सीएनएन की एक टिप्पणी में कहा गया है कि जो मेंचिन का रुख साफ होने के साथ बाइडन के वामपंथी एजेंडे पर ब्रेक लग गया है। अब कांग्रेस (संसद) में डेमोक्रेटिक पार्टी का नेतृत्व संबंधित बिल को कैसे पास कराएगा, यह साफ नहीं है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि मेंचिन के इस रुख के बाद अब हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के लिए भी मुश्किल खड़ी हो गई है। कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी कह चुकी हैं कि जब तक सॉफ्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बिल का रास्ता साफ नहीं होता, वे हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर का बिल सदन में पेश नहीं करेंगी।
मेंचिन का लेख छपने के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रोग्रेसिव धड़े से जुड़े नेताओं ने उन पर कड़ा हमला बोला है। हाउस की सदस्य अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कॉर्तेज ने एक बयान में कहा कि मेंचिन उन सांसदों में हैं, जो एक्सॉन जैसी बड़ी कंपनियों के लिए लॉबिंग करते हैं। उनके जैसे नेताओं की लॉबिंग के कारण लोगों की मौत हो रही है। हाउस की ही सदस्य प्रमिला जयपाल ने कहा कि बाल देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सस्ते आवास निर्माण और जलवायु परिवर्तन रोकने संबंधी कार्यक्रमों पर खर्च को रोकना उन्हें कतई मंजूर नहीं है।
लेकिन पर्यवेक्षकों का कहना है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर 3.5 ट्रिलियन डॉलर कल्याणकारी कार्यक्रमों पर खर्च करने या धनी लोगों पर टैक्स बढ़ाने के विरोधी अकेले मेंचिन ही नहीं हैं। बल्कि सीनेटर क्रिस्टिन सिनेमा भी इसका विरोध कर चुकी हैं। ऐसे में राष्ट्रपति बाइडन के इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान का हकीकत बनना फिलहाल असंभव-सा हो गया लगता है।