दो प्रमुख भारतीय-अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन के "मुख्य सलाहकार" हैं, जो उन्हें कोरोना वायरस महामारी से लेकर विदेश नीति और आर्थिक बदलाव से संबंधित मुद्दों पर सलाह दे रहे हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट ने कहा गया है कि बिडेन महत्वाकांक्षी राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी निभाने के लिए जोर आजमाइश कर रहे हैं, जिसकी शुरुआत स्वास्थ्य और आर्थिक संकट के दो मोर्चों के बीच होगी। ऐसे में वे कोरोना वायरस महामारी और विश्व पटल पर देश के कम होते प्रभाव जैसे विषयों पर मार्गदर्शन करने में मदद के लिए बाहरी और वैचारिक प्रतिद्वंद्वियों के बजाय उच्च-स्तरीय सरकारी अनुभव वाले अनुभवी सलाहकारों पर निर्भर हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी पर उन्हें सलाह देने वालों में अमेरिका के पूर्व सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति हैं, जिन्हें राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नियुक्त किया था और हार्वर्ड के अर्थशास्त्री राज चेट्टी उन लोगों में शुमार हैं, जो बिडेन को आर्थिक मुद्दों पर जानकारी दे रहे हैं।
मूर्ति और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पूर्व प्रमुख डेविड केसलर उन लोगों में शामिल थे, जो बिडेन के चुनावी अभियान द्वारा बुलाई गई एक कॉन्फ्रेंस कॉल में उपस्थित थे, जब यह पता चला कि सीनेटर कमला हैरिस के साथ यात्रा करने वाले दो लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि बिडेन विशेषज्ञों के साथ अपनी बातचीत का अक्सर जिक्र करते हैं, और डॉ. मूर्ति और डॉ. केसलर दो सबसे प्रमुख चिकित्सीय व्यक्ति हैं, जिनकी सलाह बिडेन ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के दौरान मांगी है।
रिपोर्ट में केसलर के हवाले से कहा गया है कि महामारी के शुरुआती दिनों में, वह और मूर्ति हर दिन, या सप्ताह में चार बार बिडेन को जानकारी मुहैया कराते थे।
रिपोर्ट के अनुसार केसलर ने कहा, "हम 80-90-पेज के दस्तावेज भेजते, उन्हें व्यापक रोग-विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, वैक्सीन, परीक्षण से जुड़ी हर जानकारी के जरिए महामारी के बारे बताते। कर्मचारी पहले फोन पर जुड़ते थे, लेकिन जल्द ही वे जूम का इस्तेमाल करने लगे।
अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर, बिडेन ने सैकड़ों नीति विशेषज्ञों से इनपुट मांगते हुए आर्थिक सलाह के लिए एक व्यापक नेटवर्क से संपर्क किया है।
अर्थव्यवस्था पर बिडेन को जानकारी देने वालों में चेट्टी भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले कई वर्षों में आर्थिक गतिशीलता और इसकी जड़ों पर शोध किया है और फेडरल रिजर्व की पूर्व अध्यक्ष जेनेट येलेन भी इस टीम में हैं।