इस अध्ययन में अपना योगदान देने वाले प्रोफेसर एलेन रोबोक ने कहा, हमारे नतीजे से इस वजह को बल मिलता है कि परमाणु हथियारों का अवश्य ही सफाया किया जाना चाहिए, क्योंकि यदि वे बने रहे तो उनका इस्तेमाल किया जा सकता है और दुनिया के लिए इसके परिणाम त्रासद हो सकते हैं।
ऐसे भयावह होंगे प्रभाव
- 100 परमाणु हथियार इस्तेमाल हुए तो भी भयानक होगी स्थिति
- 10 करोड़ लोग परमाणु युद्ध चालू होते ही मारे जाएंगे दोनों देश में
- 1.6 करोड़ टन काला धुआं पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में जम जाएगा
- 50 लाख टन धुएं का आकलन था करीब एक दशक पहले
- 05 साल के लिए पृथ्वी का तापमान हो जाएगा शीत बिंदु के करीब
- 1.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है पृथ्वी का तापमान तब
- 08 फीसदी तक घटेगी बारिश, सूरज की रोशनी भी पहुंचेगी बेहद कम
चार सबसे अहम फसलों पर प्रभाव
- 90 फीसदी तक घट जाएगा वैश्विक अनाज उत्पादन
- 13 फीसदी घटेगा 5 साल में मक्का का उत्पादन
- 11 फीसदी गेहूं, 3 फीसदी चावल की फसल पर प्रभाव
- 17 फीसदी तक कम हो जाएगा सोयाबीन उत्पादन
- 71 देशों में 20 फीसदी घटेगी मक्का-गेहूं की उपलब्धता
- 1.3 अरब लोग प्रभावित होंगे इन 71 देशों में इससे
दोनों देशों के पास परमाणु हथियार
भारत - 135
पाक - 145
(अंतरराष्ट्रीय हथियार निगरानी संस्था सिपरी का अनुमान)